झीरम फैसले पर कांग्रेस के 3 बड़े फैसले: आलाकमान से मुलाकात, दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और कानूनी लड़ाई

रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने शनिवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में बैठक कर आगे की रणनीति तय की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक के बाद कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर तीन स्तरों पर आगे बढ़ेगी—कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात, पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई।
आलाकमान से समय लेकर होगी मुलाकात
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही आलाकमान से समय लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेगी। इस दौरान झीरम घाटी मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले और पीड़ित परिवारों की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
एनआईए की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को झीरम घाटी हमले के मामले में 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस
बैज ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित और शहीद परिवारों के साथ दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। उनका कहना है कि 13 साल बाद आए फैसले के बावजूद पीड़ित परिवारों की न्याय को लेकर कई चिंताएं बनी हुई हैं।
बैज के मुताबिक, एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रभावित और शहीद परिवारों से चर्चा की। बैठक में परिवारों की बात सुनने के बाद आगे की रणनीति पर मंथन किया गया।
फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी इस मामले में आगे कानूनी रास्ता अपनाएगी। वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद वरिष्ठ वकीलों से कानूनी राय ली जाएगी और उसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैज ने आरोप लगाया कि एनआईए कोर्ट के फैसले में नक्सली संगठन के निचले स्तर पर काम करने वाले और कथित सूचना तंत्र से जुड़े लोगों पर ही कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झीरम मामले में व्यापक जवाबदेही और न्याय की मांग को आगे भी उठाती रहेगी। यह कांग्रेस की ओर से किया गया राजनीतिक आकलन है।
‘पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने हर संभव रास्ते पर विचार’
बैज ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनसे चर्चा के बाद ही आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मामले को लेकर वरिष्ठ वकीलों से सलाह लेगी और उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ेगी।
झीरम घाटी मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद अब कांग्रेस की ओर से घोषित यह तीन-स्तरीय रणनीति मामले को राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी आगे ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



