CCTV बाजार में नए नियमों से बढ़ेगा घरेलू कंपनियों का कारोबार, इन 3 शेयरों पर निवेशकों की नजर

सुरक्षा नियमों से बदल रहा CCTV बाजार
भारत का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और CCTV बाजार तेजी से बदल रहा है। बढ़ती मांग के साथ सरकार की ओर से सुरक्षा और डेटा गोपनीयता से जुड़े नियम भी सख्त किए जा रहे हैं। वर्ष 2031 तक भारतीय CCTV बाजार के करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 2026 से 2031 के बीच इस क्षेत्र की सालाना वृद्धि दर करीब 19.88 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
सरकारी खरीद में अब केवल कैमरे की कीमत और फीचर्स ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर, फर्मवेयर, सुरक्षा ढांचा और सप्लाई चेन जैसे पहलुओं पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकारी विभागों में निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रमाणन का पालन नहीं करने वाले CCTV उपकरणों की खरीद पर रोक का असर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
आदित्य इंफोटेक को मिल सकता है फायदा
आदित्य इंफोटेक की आय और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 332.5 प्रतिशत बढ़कर 142.2 करोड़ रुपये रहा। परिचालन आय 1,402.4 करोड़ रुपये और EBITDA 207.8 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की संगठित भारतीय वीडियो सर्विलांस बाजार में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 43.3 प्रतिशत बताई गई है। कंपनी आंध्र प्रदेश के कडापा और ग्रेटर नोएडा में विस्तार के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा IP कैमरों, विजुअल एआई और स्मार्ट सर्विलांस उत्पादों पर भी फोकस बढ़ाया जा रहा है।
डी-लिंक इंडिया और प्राइजर विजटेक भी दौड़ में
डी-लिंक इंडिया ने घरेलू बाजार की मांग के चलते वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 457 करोड़ रुपये की समेकित आय दर्ज की। कंपनी डेटा सेंटर के लिए 10G, 25G और 100G क्षमता वाले स्विच पर विस्तार कर रही है। इसके उत्पादों का बड़ा हिस्सा भारत में तैयार किया जा रहा है और कंपनी के पास देशभर में डिस्ट्रीब्यूशन का मजबूत नेटवर्क है।
प्राइजर विजटेक ने भी वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 42 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया। कंपनी गुजरात के गांधीनगर में अपने विनिर्माण ढांचे का विस्तार कर रही है। इसके पास CCTV कैमरों की सालाना 50 लाख यूनिट उत्पादन क्षमता बताई गई है। कंपनी स्वदेशी सिस्टम-ऑन-चिप विकसित करने के लिए एक तकनीकी साझेदारी पर भी काम कर रही है।
हालांकि, इन कंपनियों के कारोबार और शेयरों पर असर केवल CCTV नियमों से तय नहीं होगा। मांग, सरकारी ऑर्डर, लागत, प्रतिस्पर्धा, विनिर्माण क्षमता और बाजार की स्थिति जैसे कई अन्य कारक भी इनके भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।



