झीरम मामले पर कांग्रेस की बड़ी तैयारी, 26 सितंबर को राहुल गांधी से मिलेंगे नेता और पीड़ित परिवार; आगे की रणनीति पर होगी चर्चा

रायपुर। झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झीरम मामले से जुड़े पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में अदालत के फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 25 सितंबर को दिल्ली रवाना हो सकते हैं। राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक में झीरम मामले के पीड़ित और शहीद नेताओं के परिजनों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है।
कोर्ट से लेकर आंदोलन तक की रणनीति पर चर्चा
राहुल गांधी के साथ बैठक में झीरम मामले में आगे की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। इसमें कानूनी विकल्पों के साथ-साथ पार्टी की ओर से आगे किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले 19 सितंबर को राजीव भवन में हुई कांग्रेस की बैठक में पार्टी ने मामले को लेकर तीन फैसले लिए थे—कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात, पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई।
भूपेश बघेल बोले- ‘फैसला आया, लेकिन न्याय नहीं मिला’
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले में आए फैसले पर कहा है कि फैसला जरूर आया है, लेकिन न्याय नहीं मिला। उन्होंने एनआईए की जांच पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है।
बघेल ने कहा कि जनता को यह जानना चाहिए कि झीरम घाटी में वास्तव में क्या हुआ और मामले में न्याय की स्थिति क्या है। उनके ये बयान मामले की जांच और फैसले को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं।
16 सितंबर को 10 आरोपियों को सुनाई गई थी मौत की सजा
झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने 16 सितंबर 2026 को 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया था। इसके बाद कांग्रेस और पीड़ित परिवारों की ओर से फैसले तथा जांच के व्यापक पहलुओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
मृत्युदंड के मामले में उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होती है और दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी रहता है।



