SIR विवाद पर CM साय का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी कांग्रेस

रायपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
बीजेपी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडे, महामंत्री अखिलेश सोनी, नवीन मारकंडे और मीडिया प्रभारी हेमंत पाणिग्राही मौजूद रहे।
चुनाव आयोग के संयुक्त बयान का दिया हवाला
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से संयुक्त रूप से सामने रखा गया पक्ष यह दर्शाता है कि आयोग के स्तर पर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर मतभेद होने के कांग्रेस के दावे सही नहीं हैं। 26 सितंबर को आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी आधिकारिक नोट में भी कहा गया कि SIR से जुड़े आदेशों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
हालांकि, इस मुद्दे पर मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों की ओर से अलग-अलग मौकों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने का भी उल्लेख हुआ है। चुनाव आयोग ने इन्हें बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में होने वाली सामान्य आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और कहा है कि अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस को SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में आरोप लगाने के बजाय तथ्यों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
साय ने राहुल गांधी के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की और कहा कि कांग्रेस को अपने आरोपों के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
EVM को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के EVM से जुड़े पुराने सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता चुनावी प्रक्रिया और EVM पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस के निर्वाचित प्रतिनिधि इसी चुनावी व्यवस्था के जरिए सदनों में पहुंचे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राहुल गांधी के बयानों के कारण स्वयं उसी संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, जिसके तहत वह चुनाव लड़ती और राजनीतिक प्रतिनिधित्व हासिल करती है।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि
SIR को लेकर विवाद तब तेज हुआ जब The Indian Express की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं, जिनमें SIR से जुड़े मामले भी शामिल थे। इसके बाद राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि आंतरिक स्तर पर अलग-अलग विचार सामने आना सामान्य प्रक्रिया है और आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक के बाद भी आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों को सर्वसम्मत बताया।
सीएम साय ने इसी आयोग के पक्ष को आधार बनाते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया और कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।



