युवाओं के लिए 500 करोड़ की स्टार्टअप योजना, CM साय बोले- रोजगार तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से रायपुर में ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में 28 से 30 सितंबर तक चल रहे इस तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में युवा नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और निवेशकों को एक साझा मंच मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति छत्तीसगढ़ के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न बनें, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के जरिए नए रोजगार के अवसर पैदा करें। उनके अनुसार, सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए जरूरी तकनीकी सहयोग, अधोसंरचना और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
युवाओं के लिए 500 करोड़ की मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ पर काम किया जा रहा है, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना है।

साय ने युवाओं से नई औद्योगिक नीति का अध्ययन कर उसमें उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
नई औद्योगिक नीति के बाद ₹8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

साय ने राज्य की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, कनेक्टिविटी परियोजनाओं के विस्तार से उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
कृषि और वन संपदा से स्टार्टअप के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और आधुनिक तकनीक को कृषि से जोड़कर युवाओं के लिए नए उद्यम खड़े किए जा सकते हैं। उन्होंने कृषि के साथ जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आगे आने की बात कही।
उन्होंने कहा कि बस्तर समेत प्रदेश के वन क्षेत्रों में इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज उपलब्ध हैं। इनका प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए वैल्यू एडिशन किया जाए तो स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।
सुगंधित चावल के निर्यात से जुड़े सवाल पर साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी सुगंधित धान की किस्में हैं। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया।

2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक करीब 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं होगा, बल्कि युवाओं, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और आम नागरिकों की भागीदारी जरूरी होगी। उन्होंने युवाओं से टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में आगे आने का आह्वान किया।
युवाओं ने CM से पूछे स्टार्टअप और रोजगार से जुड़े सवाल
कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप फंडिंग, लोन में कोलेटरल, सरकारी योजनाओं, रोजगार सृजन, हॉर्टिकल्चर विद्यार्थियों के कौशल, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तथा प्रस्तावित फिल्म सिटी से मिलने वाले अवसरों को लेकर सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से असफलता से नहीं डरने और नए प्रयोग करने का साहस रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नया विचार तभी बदलाव का माध्यम बनता है, जब उसे कौशल, मेहनत और उद्यमिता से जोड़ा जाए।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। यह केंद्र नवाचार और स्टार्टअप्स को तकनीकी एवं इन्क्यूबेशन सहयोग देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
केंद्र में आधुनिक प्रयोगशालाओं, इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई और वेट लैब, प्लग एंड प्ले ऑफिस, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन तथा एनालिटिकल टेस्टिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और स्टार्टअप्स को विचार से उत्पाद और उद्यम तक पहुंचने में सहायता देना है।
एग्रीटेक से AI और डीप-टेक तक नवाचारों की प्रदर्शनी
कॉन्क्लेव में कृषि एवं एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप अपने नवाचार और उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। आयोजन में विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और स्टार्टअप्स के बीच संवाद और नेटवर्किंग के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आयोजन में शीर्ष तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार के पुरस्कार दिए जाने की भी जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर और मंच देने की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से वे स्वयं आगे बढ़ने के साथ अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।



