राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय बोले- कलंक के साथ अयोध्या नहीं छोड़ूंगा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सार्वजनिक रूप से बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वह इस समय एकांत में रहकर विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही वह पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
करीबी लोगों से बातचीत में चंपत राय ने कहा है कि वह किसी भी तरह के कलंक के साथ अयोध्या से विदा नहीं होना चाहते। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अपने ऊपर लगे आरोपों का सच सामने आए बिना वह यहां से नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव से उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी और उन्होंने उनके विश्वास को तोड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने अपने करीबियों से कहा कि उन्हें भगवान श्रीराम पर पूरा विश्वास है और जिस प्रकार आरोप लगे हैं, उसी तरह सत्य भी सामने आएगा। फिलहाल उन्होंने सार्वजनिक टिप्पणी से दूरी बना रखी है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
इधर, चढ़ावा विवाद की जांच अब ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां जल्द ही ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से दानराशि के प्रबंधन, बैंक में जमा प्रक्रिया और वित्तीय निगरानी व्यवस्था को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। जांच के दौरान ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए समझौता पत्र (एमओयू) की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही का पता लगाया जा सके।
इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। बैठक में चढ़ावा विवाद, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रणाली में सुधार और आगे की कार्ययोजना समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की चर्चा है।

