छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे अन्ना हजारे, मंच पर ही भावुक हुए
तबीयत बिगड़ने पर लौटना पड़ा

अहिल्यानगर। छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में समर्थन बढ़ता जा रहा है। इसी बीच वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे भी महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में छात्रों के समर्थन में आयोजित मौन धरने में शामिल हुए। हालांकि खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें कुछ ही देर बाद मंच छोड़कर वापस जाना पड़ा। इस दौरान अन्ना हजारे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
छात्रों के समर्थन में पहुंचे, लेकिन तबीयत ने नहीं दिया साथ
अन्ना हजारे ने गुरुवार को शिर्डी के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक में आयोजित मौन आंदोलन में हिस्सा लिया। उनका मकसद छात्रों के संघर्ष के प्रति नैतिक समर्थन जताना था। लेकिन स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण वह ज्यादा देर
भावुक हुए अन्ना, वीडियो हुआ वायरल
धरना स्थल से सामने आए वीडियो में अन्ना हजारे भावुक नजर आए। उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए। हालांकि उनके लौटने के बाद भी छात्रों का मौन आंदोलन जारी रहा।
पीएम मोदी को लिख चुके हैं पत्र
इससे पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में संवाद, टकराव से बेहतर होता है और युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी।
क्या है पूरा मामला?
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में हजारों छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। आंसू गैस और लाठीचार्ज की घटना के बाद आंदोलन और तेज हो गया। छात्र संगठन और विपक्षी दल NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
अन्ना की मौजूदगी से आंदोलन को मिला नैतिक बल
अन्ना हजारे का धरने में शामिल होना इस आंदोलन के लिए बड़ा नैतिक समर्थन माना जा रहा है। हालांकि उनकी खराब तबीयत चिंता का विषय रही, लेकिन छात्रों के मुद्दे पर उनकी मौजूदगी ने यह संदेश जरूर दिया कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

