FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार दिखेंगे अरबपति फुटबॉलर
रोनाल्डो सबसे अमीर तो मेसी दूसरे स्थान पर

रायपुर-फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA वर्ल्ड कप 2026 में इस बार एक नया इतिहास बनने जा रहा है। पहली बार टूर्नामेंट में ऐसे खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे, जिनकी कुल संपत्ति 1 बिलियन डॉलर (अरब डॉलर) से अधिक है। फोर्ब्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी दुनिया के सबसे अमीर सक्रिय फुटबॉलरों में शामिल हैं और दोनों की नेटवर्थ 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस सूची में शीर्ष पर हैं। पिछले 12 महीनों में उनकी कुल कमाई करीब 300 मिलियन डॉलर रही है। सऊदी अरब के क्लब अल-नासर के लिए खेलने वाले रोनाल्डो की आय का बड़ा हिस्सा सैलरी, बोनस और ब्रांड एंडोर्समेंट से आया है। वह दुनिया के चुनिंदा सक्रिय खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनकी संपत्ति अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुकी है।
दूसरे स्थान पर हैं विश्व कप जिताने वाले मेसी
वहीं, अर्जेंटीना को 2022 का विश्व कप जिताने वाले लियोनेल मेसी दूसरे स्थान पर हैं। इंटर मियामी के स्टार खिलाड़ी मेसी ने पिछले एक साल में लगभग 140 मिलियन डॉलर की कमाई की है। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा मैदान के बाहर विज्ञापनों, ब्रांड साझेदारियों और व्यावसायिक गतिविधियों से आता है। मेसी की कुल नेटवर्थ करीब 1.1 बिलियन डॉलर बताई गई है।
तीसरे स्थान पर स्ट्राइकर किलियन एम्बापे
फोर्ब्स की सूची में फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे तीसरे स्थान पर हैं, जबकि नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड चौथे नंबर पर हैं। ब्राजील के विनीसियस जूनियर पांचवें स्थान पर काबिज हैं। इसके अलावा मोहम्मद सालाह, सादियो माने, जूड बेलिंगहैम, लामिन यामल, हैरी केन और नेमार भी शीर्ष 11 सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।
खास बात यह है कि स्पेन के युवा खिलाड़ी लामिन यामल महज 18 साल की उम्र में इस सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं। यह उनकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और बाजार मूल्य को दर्शाता है।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा। इस बार टूर्नामेंट में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विश्व कप न केवल खेल के स्तर पर बल्कि खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू और आर्थिक ताकत के लिहाज से भी ऐतिहासिक साबित होगा।

