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रिटायर्ड IAS ने डांटा तो केयरटेकर ने 2 घंटे बाद गला रेतकर हत्या की: 20 लाख लूटने पहुंचा था, गैस सिलेंडर खोलकर और प्रेस चालू छोड़कर भागा; 4 राज्यों में तलाश के बाद गिरफ्तार

भोपाल। रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी केयरटेकर (Caretaker) वरुण वाल्मीकि ने कबूल किया है कि वह अधिकारी के घर से 10 से 20 लाख रुपए लूटने की उम्मीद लेकर पहुंचा था। घर के बाहर लगी नेम प्लेट देखकर उसे लगा था कि एक रिटायर्ड IAS अधिकारी के घर में बड़ी रकम और कीमती सामान मिल सकता है। इसी मकसद से उसने केयरटेकर की नौकरी की थी। लेकिन वारदात वाली रात दवाई देने में देरी को लेकर मिली डांट उसे इतनी चुभ गई कि उसने हत्या का फैसला कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर की रात करीब 12 बजे राकेश अग्रवाल ने दवाई देने में देरी पर वरुण को गालियां दी थीं। उन्होंने कहा था- ‘तू यहां से दफा हो, तेरी जरूरत नहीं है।’ इसके करीब दो घंटे बाद आरोपी ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। हत्या के बाद उसने घर में गैस सिलेंडर का पाइप खोल दिया और कपड़ों पर प्रेस चालू छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने चार राज्यों में तलाश के बाद सोमवार को उसे आगरा से गिरफ्तार किया। मंगलवार सुबह पुलिस से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश में उसके पैर में गोली लगी।

नेम प्लेट देखकर नौकरी करने पहुंचा था आरोपी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वरुण वाल्मीकि (Caretaker) की नजर राकेश अग्रवाल के घर पर लगी नेम प्लेट पर पड़ी थी। रिटायर्ड IAS अधिकारी का नाम देखकर उसे लगा कि घर में काफी नकदी और कीमती सामान हो सकता है। उसने अनुमान लगाया था कि वहां 10 से 20 लाख रुपए तक मिल सकते हैं।

इसी उम्मीद में वह केयरटेकर की नौकरी करने पहुंचा था। उसका मकसद घर के अंदर की गतिविधियों और सामान की जानकारी हासिल करना भी था। हालांकि, उसे उम्मीद के मुताबिक नकदी और कीमती सामान नहीं मिला। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने नौकरी शुरू करने के बाद से ही लूट की योजना बनाई थी या बाद में वारदात का फैसला किया।

दवाई में देरी पर मिली गाली, दो घंटे बाद हत्या

पुलिस के अनुसार, वरुण ने पूछताछ में बताया कि राकेश अग्रवाल उसे अक्सर छोटी-छोटी बातों पर डांटते और गालियां देते थे। 30 सितंबर की रात भी दवाई देने में देरी होने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। रात करीब 12 बजे राकेश अग्रवाल ने उसे फटकारते हुए घर से चले जाने को कहा।

इसके बाद राकेश अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें नींद की दवा दी और वह सो गए। वरुण के मुताबिक, डांट और अपमान से नाराज होकर उसने हत्या का फैसला किया। करीब दो घंटे बाद उसने धारदार हथियार से राकेश अग्रवाल का गला काट दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से निकल गया। पुलिस के सामने उसका यह बयान भी आया है कि वह इस घटना के जरिए लोकप्रियता हासिल करना चाहता था।

गैस सिलेंडर खोलकर चालू छोड़ दी थी प्रेस

हत्या के बाद वरुण ने घर में ऐसी स्थिति पैदा कर दी थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। उसने गैस सिलेंडर का पाइप खोल दिया था। इसके अलावा कपड़ों पर प्रेस रखकर उसका स्विच भी चालू छोड़ दिया था।

राकेश अग्रवाल की पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने प्रेस बंद की और पुलिस को सूचना दी। वरुण ने पूछताछ में बताया कि उसने गुस्से में गैस सिलेंडर खोला था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन हरकतों के पीछे उसका मकसद क्या था और क्या वह घर में आग या विस्फोट जैसी स्थिति पैदा करना चाहता था।

चार राज्यों में घूमता रहा, फुटपाथ पर गुजारी रातें

हत्या के बाद आरोपी ने लगातार अपने ठिकाने बदले। वह भोपाल से भागकर ग्वालियर पहुंचा। इसके बाद आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली गया। वहां से हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक पहुंचा।

इस दौरान उसने बस, ट्रेन और ट्रकों से सफर किया। पैसे खत्म होने पर कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था। रात में फुटपाथ, धर्मशालाओं और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर सोता था। पुलिस के मुताबिक, वह किसी एक जगह पर एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रुकता था। गिरफ्तारी के समय उसके पास मोबाइल फोन भी नहीं मिला।

वारदात के बाद वह सुबह 4 बजकर 12 मिनट पर केरल एक्सप्रेस से भोपाल से निकला था। पुलिस अब उसके फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों और संभावित मददगारों की जानकारी जुटा रही है।

सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वाले बनकर पुलिस ने की तलाश

आरोपी (Caretaker) को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस ने चार दिन तक आगरा में अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, पुलिसकर्मी सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वालों के भेष में उसकी तलाश कर रहे थे।

रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार, झुग्गी बस्तियों में पुलिस की लगातार आवाजाही से लोगों को शक होने लगा था। इसके बाद टीम ने अपनी पहचान छिपाकर निगरानी शुरू की। दिल्ली और मथुरा में भी पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। आखिरकार आरोपी को आगरा के मथुरा रोड पर पकड़ लिया गया।

मंगलवार सुबह गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट एनकाउंटर किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।

जयपुर और ग्वालियर में भी नौकरी को लेकर विवाद

जांच में वरुण के पुराने रोजगार से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। जून 2026 में उसने जयपुर की रूही हेल्थ केयर सर्विस के माध्यम से एक घर में केयरटेकर की नौकरी की थी। वहां उसके व्यवहार को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया।

इसके बाद 23 अगस्त 2026 को ग्वालियर की सार्थ होम नर्सिंग केयर एजेंसी में काम करने के दौरान उस पर एजेंसी का मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा था। हालांकि, इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी।

महिला मित्र और नौकरी दिलाने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में

पुलिस वरुण की महिला मित्र सोनम के संपर्कों की भी जांच कर रही है। सोनम मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली है और आगरा में काम करती है। पुलिस उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और पुराने परिचितों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, अब तक उसकी किसी आपराधिक भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।

वरुण को नौकरी दिलाने वाली वर्मा होम हेल्थकेयर एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा से भी पूछताछ की गई है। एजेंसी और उसके वेरिफिकेशन की जांच की जा रही है। फिलहाल इसमें कोई ठोस आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है।

10 टीमों ने चार राज्यों में चलाया सर्च ऑपरेशन

वरुण की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस ने रातीबड़, शाहपुरा, ऐशबाग थाने और क्राइम ब्रांच की 10 टीमें बनाई थीं। पुलिस ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में तलाश की। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धर्मशालाओं, मंदिरों, रैन बसेरों और आश्रमों के CCTV फुटेज खंगाले गए।

आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी में देरी के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने SIT गठित की थी, जिसकी कमान AIG उमेश तिवारी को सौंपी गई थी।

IAS एसोसिएशन ने CM से की थी मुलाकात

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद आरोपी की गिरफ्तारी में देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने भी चिंता जताई थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पहले मुख्य सचिव और फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी। चार राज्यों में तलाश और लंबे ऑपरेशन के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अब पुलिस हत्या की पूरी साजिश, लूट की मंशा और फरारी के दौरान उसे मिली संभावित मदद की कड़ियां जोड़ रही है।

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