देश में आबादी में बदलाव की जानकारी देने के लिए केंद्र ने लॉन्च किया पोर्टल, 8 सवालों के जरिए जुटाए जाएंगे सुझाव

केंद्र सरकार ने देश में जनसंख्या से जुड़े बदलावों का आकलन करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके माध्यम से आम नागरिक, सरकारी विभाग, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें और गैर-सरकारी संगठन आबादी में हो रहे बदलावों से जुड़ी जानकारी, सुझाव और दस्तावेज साझा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों, उनके सामाजिक प्रभावों और प्रशासनिक चुनौतियों का अध्ययन करना है।
इस पहल के तहत जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने demography.mha.gov.in पोर्टल लॉन्च किया है। समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर ने इसे शुरू किया। पोर्टल पर पिछले 15 वर्षों में हुए प्रमुख जनसंख्या बदलावों और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी मांगी गई है।
आठ सवालों के जरिए जुटाई जाएगी जानकारी
समिति ने पोर्टल पर आठ प्रमुख बिंदुओं के आधार पर जानकारी मांगी है। इनमें आबादी में बदलाव के कारण, सामाजिक प्रभाव, प्रशासनिक चुनौतियां और संभावित समाधान शामिल हैं। लोग और संबंधित संस्थाएं अपने जवाबों के साथ दस्तावेज भी जमा कर सकेंगे। समिति इन जानकारियों का विश्लेषण कर बदलावों के पीछे मौजूद कारणों को समझने का प्रयास करेगी।
जनसंख्या में बदलाव के कारणों का होगा अध्ययन
समिति जन्म दर में अंतर, आर्थिक अवसरों, पर्यावरणीय और सामाजिक परिस्थितियों तथा सीमा पार से होने वाले प्रवास जैसे कारकों का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही असामान्य बसावट के पैटर्न और आबादी की संरचना में होने वाले बदलावों को समझने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक समुदायों की आबादी में होने वाले संरचनात्मक बदलावों का विश्लेषण भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल है। इसके तहत यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या का स्वरूप किन कारणों से बदल रहा है।
अवैध प्रवास और सीमा प्रबंधन पर भी रहेगा फोकस
समिति को अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए व्यवस्थित व्यवस्था से जुड़ी सिफारिशें देने का काम भी सौंपा गया है। इसके अलावा सीमा प्रबंधन और पहचान संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा जनसंख्या से जुड़े बदलावों की निगरानी के लिए संस्थागत तंत्र विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए व्यापक नीति तैयार करने का सुझाव भी समिति के काम में शामिल है। पोर्टल के जरिए मिलने वाली जानकारियों के आधार पर इन मुद्दों से जुड़ी चुनौतियों और संभावित उपायों का आकलन किया जाएगा।



