एमएलसी चुनाव के नतीजों पर मोदी के तंज का कांग्रेस ने दिया जवाब, वाराणसी और नागपुर में भाजपा की हार पर उठाए सवाल

चार राज्यों की विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री के तंज पर कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने वाराणसी और नागपुर में भाजपा की हार का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री को आत्मविश्लेषण करने की सलाह दी। साथ ही बैलेट पेपर से चुनाव कराने के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा।
बैलेट पेपर से चुनाव पर मोदी ने कसा था तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर चार राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव बैलेट पेपर से हुए और कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को कांग्रेस की उस मांग पर तंज माना गया, जिसमें पार्टी चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग करती रही है। इन चार राज्यों में कांग्रेस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा था। शुरुआती नतीजों में पार्टी को सफलता नहीं मिलने की खबरें आई थीं, लेकिन बाद में महाराष्ट्र की नागपुर सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
जयराम रमेश ने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्हें आत्मविश्लेषण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सीटों पर टिप्पणी करने से पहले प्रधानमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटों पर भाजपा की हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने नागपुर में भी भाजपा की हार का जिक्र किया, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गढ़ माना जाता है।
जयराम रमेश ने महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश में कमी जैसे मुद्दे उठाते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों परिवार महंगाई से परेशान हैं और युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने लखनऊ, प्रयागराज और पटना का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन शहरों में भाजपा को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा है।
सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा को दी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रधानमंत्री की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की हार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने वाराणसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र, पटना को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का क्षेत्र और नागपुर को केंद्रीय मंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा आरएसएस का गढ़ बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भाजपा को झटका लगा है।
सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भाजपा को अपने मजबूत माने जाने वाले क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने चुनौती दी कि अगर भाजपा को बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर इतना भरोसा है, तो लोकसभा और विधानसभा के सभी चुनाव इसी व्यवस्था के तहत कराए जाने चाहिए।
वाराणसी में सपा की जीत, नागपुर में कांग्रेस ने दर्ज की सफलता
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के नतीजों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा को हराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण इन नतीजों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
महाराष्ट्र के नागपुर में भी कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन से एक सीट छीन ली। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र भी है। हालांकि, चार राज्यों की सभी 28 सीटों के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे। कर्नाटक में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की।



