छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का संगठनात्मक दांव: मजबूत जिलाध्यक्षों के सहारे ‘खोई जमीन’ वापस पाने की रणनीति, राहुल गांधी-पायलट का बड़ा दौरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक जमीन दोबारा मजबूत करने की रणनीति के तहत कांग्रेस ( Congress’s ) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है।
राजधानी रायपुर के पास अभनपुर स्थित अग्रवाल रिसोर्ट में शनिवार से सभी 41 जिला और शहर अध्यक्षों का दस दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है।
इस शिविर का उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की विशेष टीम कर रही है, जो पहले ही रायपुर पहुंच चुकी है।
प्रशिक्षण शिविर का आज उद्धाटन
शनिवार को शिविर ( Congress’s ) के पहले दिन परिचयात्मक और ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया, जबकि राजनीतिक और रणनीतिक प्रशिक्षण रविवार से शुरू होगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट शनिवार को रायपुर पहुंचे, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को शिविर में शामिल होंगे।
राहुल गांधी दोपहर 2 बजे रायपुर पहुंचकर 2:45 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहेंगे और पार्टी पदाधिकारियों को संगठनात्मक मजबूती का मंत्र देंगे। वे शाम 6:45 बजे दिल्ली लौट जाएंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिविर में जिला अध्यक्षों ( Congress’s )को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसमें फील्ड विजिट, बूथ स्तर पर संगठन विस्तार, और जनता से सीधे जुड़ाव की रणनीति पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कांग्रेस का यह कदम 2028 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है।
पार्टी खुद को मजबूत करने की कोशिश में लगी
वर्तमान में 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 35 विधायक हैं और पार्टी खुद को मजबूत विपक्ष के रूप में पुनर्गठित करने की कोशिश में जुटी है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत जिला संगठन के बिना राज्य में राजनीतिक वापसी संभव नहीं है।
इसी वजह से यह प्रशिक्षण शिविर आंतरिक गुटबाजी को कम करने और नए नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

