Chhattisgarh

कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में भाजपा पर बरसे दीपक बैज, धर्मांतरण और सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठनात्मक मजबूती, राज्य की राजनीति और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए।

दीपक बैज ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट शामिल होंगे। दोनों वरिष्ठ नेता जिला अध्यक्षों को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर मार्गदर्शन देंगे। वहीं 25 जून को महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा भी शिविर में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी।

भाजपा कांग्रेस की एकजुटता से घबराई हुई है: बैज

कांग्रेस नेताओं की सक्रिय भागीदारी और एकजुटता को लेकर भाजपा की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के प्रयासों से भाजपा परेशान है।

उन्होंने भाजपा नेता रामविचार नेताम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के भीतर ही असंतोष और खींचतान की स्थिति है। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में अब “डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलिंग” जैसे हालात बन गए हैं और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री निवास में हुई एक आपात बैठक के बाद सरकार के कामकाज और कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं।

बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और इसी कारण मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाया गया। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा

धर्मांतरण के मुद्दे पर वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय के बयान का उल्लेख करते हुए दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस उनका सम्मान करती है, लेकिन इस विषय पर जवाब सरकार को देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य में धर्म स्वतंत्रता कानून लागू है, तो धर्मांतरण की शिकायतें लगातार सामने क्यों आ रही हैं। बैज ने सरकार से पूछा कि कानून होने के बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक रणनीतियों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि शिविर के माध्यम से जिला स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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