देश में 11 साल बाद सबसे सूखा मानसून: यूपी के 26 गांवों में बाढ़, बिहार में 2.03 लाख लोग प्रभावित

दिल्ली। देश में मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का पानी 26 गांवों में घुस गया है। करीब 6 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़कों पर नाव चल रही है। पानी में डूबने से दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर बिहार के छह जिलों में बाढ़ से 2.03 लाख लोग प्रभावित हैं। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक और कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं।
गोंडा में 26 गांवों में घुसा पानी
गोंडा में घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद आसपास के गांवों में पानी भर गया है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है और लोगों को नाव के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। करीब 6 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। बाढ़ के कारण ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बिहार में बांध टूटा, तेज बहाव में बहा घर
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के छह जिलों में 2.03 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। नेपाल में भारी बारिश के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। गंडक और कोसी नदी उफान पर हैं। छपरा के हजलपुर गांव में बांध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव आया। इसके चलते एक घर पानी में बह गया। पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं।
उत्तराखंड में ठंड बढ़ी, केदारनाथ में -4°C
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बीच मौसम में बदलाव जारी है। राज्य के पांच पहाड़ी जिलों में गुरुवार को बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि किसी जिले के लिए अलर्ट जारी नहीं किया गया है। करीब एक सप्ताह पहले हुई बर्फबारी के बाद केदारनाथ में तापमान गिरकर -4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। उत्तरकाशी में मंगलवार को तेज बारिश भी हुई थी। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदलने के साथ ठंड बढ़ने लगी है।
11 साल में सबसे सूखा मानसून
इस साल देश में मानसून सामान्य से कमजोर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले 11 वर्षों में सबसे सूखा मानसून रहा है और देश के रिकॉर्ड में 13वां सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की स्थिति चिंताजनक रही। इन राज्यों में इस साल 1902 के बाद से अब तक की सबसे कम मानसूनी बारिश दर्ज की गई।
वर्ष 2020 के बाद से पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के दौरान बारिश में लगातार कमी का रुझान देखा जा रहा है। इसके विपरीत मानसून की विदाई के दौरान उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
अगले दो दिनों में कई राज्यों से विदाई
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है।
देशभर में मौसम का अलग-अलग असर
मानसून की विदाई के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल जैसे मैदानी इलाकों में तेज धूप के कारण दिन में गर्मी महसूस की जा रही है। राजस्थान के अलवर में भी दिन में मौसम सामान्य रहा, जबकि शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई।



