SIR विवाद पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण, चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू ने किया स्वागत

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को अपने फैसलों और प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं चिराग पासवान और एन. चंद्रबाबू नायडू ने आयोग के बयान का स्वागत किया।
चिराग पासवान ने कहा- लोगों की चिंताओं का जवाब जरूरी
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि SIR को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों को चुनाव आयोग के सामने रखना उनकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि आयोग ने अब प्रक्रिया, तीनों आयुक्तों की सहमति और अन्य मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और संस्थाओं को लेकर लोगों के मन में उठने वाले सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने आयोग से SIR को लेकर उठ रही चिंताओं को स्पष्ट करने की मांग की थी।
चंद्रबाबू नायडू ने संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की बात कही
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
नायडू ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर लोगों के भरोसे को प्रभावित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक चुनावी फैसलों में जनता की इच्छा महत्वपूर्ण होती है और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने SIR पर क्या कहा
चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि 24 जून 2025 को बिहार से शुरू होकर पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का आदेश आयोग की पूरी सहमति से जारी किया गया था। आयोग ने यह भी कहा कि बाद में जारी किए गए SIR कार्यक्रम और उससे जुड़े फैसले भी सामूहिक सहमति से लिए गए।
आयोग के अनुसार, SIR से संबंधित प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श और सुझाव देना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है। हालिया विवाद के बीच आयोग ने अपने फैसलों को लेकर किसी आंतरिक असहमति की खबरों को खारिज किया है।



