छत्तीसगढ़ में हाथी का आतंक, सूरजपुर और बलरामपुर में 2 लोगों की मौत, धान के खेत में मिला लापता युवक का शव

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में लोनर हाथी का मूवमेंट लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। सूरजपुर और बलरामपुर जिले में अलग-अलग घटनाओं में हाथी के हमले से दो लोगों की मौत हो गई। एक युवक पिछले तीन दिनों से लापता था, जिसका शव गांव के ही धान के खेत में कीचड़ से सना हुआ मिला। वहीं दूसरी घटना में 53 वर्षीय ग्रामीण अपनी बेटी के घर जा रहा था, इसी दौरान महान नदी के पास उसका सामना लोनर हाथी से हो गया। हाथी ने ग्रामीण को कुचलकर मार डाला।
दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं हाथी के मूवमेंट को देखते हुए आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
तीन दिन से लापता युवक का धान के खेत में मिला शव
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के चंदौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरहोरा निवासी प्रमोद राजवाड़े पिछले तीन दिनों से लापता था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
बुधवार को गांव में ही एक धान के खेत में उसका शव मिला। शव की हालत देखकर घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से विचरण कर रहे लोनर हाथी के हमले में युवक की मौत हुई है।
वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई है। मामले में विभाग द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लोनर हाथी के रेस्क्यू की तैयारी
सूरजपुर क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहे लोनर हाथी को लेकर वन विभाग गंभीर है। जानकारी के अनुसार डीएफओ की ओर से हाथी के रेस्क्यू को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप को पत्र भेजा गया है।
वन मंत्री की ओर से हाथी पर निगरानी रखने के लिए कॉलर आईडी लगाने पर सहमति की जानकारी सामने आई है। कॉलर आईडी के माध्यम से हाथी के मूवमेंट की लगातार निगरानी की जा सकेगी।
हाथी को अलग क्षेत्र में रखकर मॉनिटरिंग करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि उसके आवागमन की जानकारी पहले से मिल सके और आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।
बेटी के घर जा रहा था ग्रामीण, हाथी ने कुचला
दूसरी घटना बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र की है। ग्राम परसवाकला के बड़खापारा निवासी सुटरूंग कौशिक, उम्र 53 वर्ष, मंगलवार की देर शाम अपनी बेटी के घर जा रहा था।
बताया गया कि रात करीब 7 बजे महान नदी के पास उसका सामना एक लोनर दंतैल हाथी से हो गया। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया और उसे कुचल दिया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के बाद हाथी ग्राम रेवतपुर के जंगल की ओर चला गया। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस को भी जानकारी दी गई।
रात होने के कारण आगे की कार्रवाई बुधवार सुबह की गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार को दी गई 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता
हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत के बाद राजपुर वन विभाग के एसडीओ रवि श्रीवास्तव और रेंजर अजय कुमार वर्मा ने मृतक की पत्नी कुलेश्वरी को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की।
वन विभाग के अनुसार मुआवजा प्रकरण तैयार होने के बाद परिवार को 5 लाख 75 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी।
इस तरह मृतक परिवार को नियमानुसार कुल सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
लगातार हो रहे हाथी के मूवमेंट और दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
वन विभाग की टीम प्रभावित और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को हाथी से दूरी बनाए रखने की जानकारी दे रही है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें।
ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हाथी के मूवमेंट की जानकारी मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने और वन विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है।
हाथी के मूवमेंट पर वन विभाग की नजर
सूरजपुर और बलरामपुर जिले के जंगल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हाथियों की आवाजाही पहले भी चिंता का विषय रही है। ऐसे में लोनर हाथी द्वारा दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान जाने के बाद वन विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है।
कॉलर आईडी लगाने की योजना से हाथी के मूवमेंट को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। इससे हाथी किस दिशा में जा रहा है, इसकी जानकारी वन विभाग को पहले मिल सकेगी और संभावित खतरे वाले गांवों को समय रहते अलर्ट किया जा सकेगा।
फिलहाल वन विभाग की टीम दोनों घटनाओं की परिस्थितियों पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।
वन विभाग की अपील है कि ग्रामीण हाथियों से दूरी बनाए रखें, जंगल या सुनसान इलाकों में अकेले न जाएं और हाथी दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।


