शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन पर CJP नेताओं समेत 500 लोगों पर FIR, दिल्ली में भी 3 केस दर्ज

मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं समेत करीब 400 से 500 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति सभा की, नारेबाजी की और सार्वजनिक सड़क पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया।
इन CJP नेताओं के नाम FIR में
शिवाजी पार्क पुलिस के मुताबिक, FIR में CJP के अभिजीत दीपके, अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहिरे, आशुतोष रांका, सौरव दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मालगी और योगेश इंगले समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मार्ग पर भीड़ जुटने से यातायात प्रभावित हुआ और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।
पुलिस ने पहले ही नहीं दी थी अनुमति
CJP ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने शिवाजी पार्क के इस्तेमाल से जुड़े प्रतिबंधों, BMC की अनुमति नहीं होने, शोर और यातायात संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शन आयोजित किया गया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP ने यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया था। संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग और सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
दिल्ली में भी दर्ज हुईं FIR
इसी मुद्दे पर दिल्ली में भी 2 अक्टूबर को प्रदर्शन हुए। जंतर-मंतर की ओर बिना अनुमति मार्च करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। प्रदर्शन के दौरान 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट है।



