फ्लाईदुबई विमान को गिराने की थी साजिश, को-पायलट ने इंजन बंद करने की भी कोशिश की; ऐसे बची सैकड़ों जानें

फ्लाईदुबई के विमान में भारतीय कैप्टन सुमित मछार पर ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी के हमले को लेकर जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने पहले कैप्टन पर हमला कर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इसके बाद उसकी योजना विमान को इजराइल में किसी ऊंची इमारत या अन्य संवेदनशील ठिकाने से टकराने की थी।
कॉकपिट में हमला कर कैप्टन को बनाया निशाना
बताया गया कि हम्मामी ने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का नाटक किया और इसके बाद क्रैश ऐक्स से कैप्टन सुमित मछार पर पीछे से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा बंद कर दिया गया।
इसी दौरान एक महिला यात्री ने कॉकपिट से आ रही तेज आवाजें सुनीं और अन्य यात्रियों को इसकी जानकारी दी। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों समेत कई यात्री कॉकपिट तक पहुंचे। वहां उन्होंने कैप्टन को घायल हालत में देखा।
तेल अवीव से लेकर अमेरिकी सैन्य अड्डे तक की योजना
जांच से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, हम्मामी की योजना कैप्टन को मारने के बाद विमान को सामान्य तरीके से उड़ाते रहने की थी। इसके बाद वह विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट की किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराना चाहता था। इसके अलावा तेल अवीव की किसी गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाने की योजना भी बताई गई है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अगर ये योजनाएं सफल नहीं होतीं तो विमान को जॉर्डन में मौजूद किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर गिराने का विकल्प भी हम्मामी के पास था।
30 सेकंड में 16 हजार फीट नीचे आया विमान
विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश के दौरान हम्मामी ने ऑटोपायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक आगे कर दी। इसके बाद विमान महज 30 सेकंड में करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। इस दौरान विमान की रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा हो गई और उसके पिछले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा।
यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींचकर विमान को और नीचे जाने से रोकने में मदद की। इसके बाद दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाल लिया। सऊदी हवाई यातायात नियंत्रण की मदद से विमान को मोड़कर तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
इंजन बंद करने की कोशिश की भी हो रही जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या हम्मामी ने विमान के दोनों इंजनों के ईंधन स्विच को चालू स्थिति से बंद करने की कोशिश की थी। विमान में आपातकालीन लाइटें जलने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे मुख्य बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई।
घटना के बाद घायल कैप्टन सुमित मछार को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हम्मामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। मामले को आतंकी हमले के तौर पर देखा जा रहा है। अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि सुरक्षा प्रतिबंधों के बावजूद ओमानी पायलट को तेल अवीव जाने वाली उड़ान संचालित करने की अनुमति कैसे मिली।



