बिलासपुर रेलवे स्टेशन के हाई सिक्योरिटी जोन में अवैध ठेला बाजार
यात्रियों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था प्रभावित

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे(Railway) स्टेशन परिसर में कथित अवैध अतिक्रमण और ठेला-खोमचे के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्य आरक्षण केंद्र, सुलभ कॉम्प्लेक्स और कार पार्किंग क्षेत्र के सामने हर रात लगने वाले अस्थायी बाजार ने न केवल यात्रियों की सुविधा प्रभावित की है, बल्कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे(Railway) स्टेशन परिसर के आसपास रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अवैध ठेला-खोमचे लगना शुरू हो जाते हैं, जो सुबह तक संचालित होते रहते हैं। इससे स्टेशन परिसर के बाहर भीड़भाड़, यातायात बाधित होने और पार्किंग व्यवस्था चरमराने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने और वहां से निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि यह गतिविधियां कथित तौर पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कुछ कर्मियों के संरक्षण में संचालित हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही आरपीएफ की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की गई है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
गौरतलब है कि बिलासपुर रेलवे(Railway) स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रमुख और व्यस्त स्टेशन माना जाता है। ऐसे में हाई सिक्योरिटी जोन में कथित अवैध बाजार का लगातार संचालित होना सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।

