अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर असर, सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का; कच्चा तेल 96 डॉलर के पार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। बुधवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही सेंसेक्स में करीब 700 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी 200 से ज्यादा अंक टूट गया। दोनों देशों के बीच रात में हुए हवाई हमलों के बाद वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
बाजार में भारी बिकवाली
प्री-ओपनिंग कारोबार में ही बाजार में कमजोरी के संकेत मिल गए थे। सेंसेक्स करीब 540 अंक गिरकर 76,397.24 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 203 अंक फिसलकर 23,852.05 पर आ गया। मंगलवार को निफ्टी 24,055.8 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में ज्यादातर शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इस दौरान केवल सनफार्मा का शेयर बढ़त में रहा, जबकि अन्य प्रमुख कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की पुष्टि के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। एशियाई बाजारों में भी इसका असर देखने को मिला और जोखिम वाली संपत्तियों से निवेशकों का रुझान कम हुआ।
ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर के पार
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 96.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह करीब छह सप्ताह का उच्चतम स्तर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रहने की आशंका है।
महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
तेल की कीमतों में तेजी से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा फिर बढ़ गया है। इसके चलते ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी उछाल देखा गया। निवेशकों को आशंका है कि महंगाई का दबाव बढ़ने पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद प्रभावित हो सकती है।
अगर मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी निकाल सकते हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार के साथ-साथ रुपये और घरेलू महंगाई पर भी पड़ सकता है।



