भारत लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षण की तैयारी में, ओडिशा तट से 3,760 किमी का नो-फ्लाई जोन घोषित

भारत ने लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली के संभावित परीक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत ओडिशा तट से जारी नोटैम (NOTAM) का दायरा बढ़ाकर लगभग 3,760 किलोमीटर कर दिया गया है। परीक्षण 6 और 7 अगस्त के बीच प्रस्तावित है और इसके लिए बंगाल की खाड़ी तथा हिंद महासागर क्षेत्र में अस्थायी रूप से नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। यह परीक्षण ओडिशा स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए जाने की संभावना है, जहां से भारत समय-समय पर अपनी रणनीतिक मिसाइलों का परीक्षण करता रहा है।
बढ़ा नोटैम, लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण के संकेत
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नोटैम के दायरे को 2,530 किलोमीटर से बढ़ाकर 3,760 किलोमीटर किए जाने से किसी उन्नत लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइल के परीक्षण की संभावना मजबूत हुई है। हालांकि रक्षा मंत्रालय या डीआरडीओ ने अभी तक परीक्षण की जाने वाली मिसाइल के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। माना जा रहा है कि यह परीक्षण अग्नि श्रृंखला की उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल या पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) से जुड़ा हो सकता है।
सुरक्षा के लिए लागू किया गया नो-फ्लाई जोन
मिसाइल परीक्षण के दौरान संभावित जोखिमों को देखते हुए पूरे निर्धारित मार्ग को अस्थायी रूप से नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है, ताकि वायु और समुद्री यातायात सुरक्षित रहे। नोटैम ऐसी आधिकारिक सूचना होती है, जिसके माध्यम से पायलटों और समुद्री जहाजों को किसी क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध की जानकारी दी जाती है। इससे पहले मई 2026 में भी ओडिशा तट से लगभग 3,560 किलोमीटर के दायरे वाला नोटैम जारी किया गया था, जिसके बाद उन्नत अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण की पुष्टि की गई थी।

