भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस; राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर की सटीक कार्रवाई और तैयारियों को सराहा, PM बोले- देश को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व

दिल्ली। भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force) के 94वें स्थापना दिवस पर देशभर में वीर वायु योद्धाओं के साहस, शौर्य और समर्पण को याद किया जा रहा है।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय वायुसेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। तीनों नेताओं ने देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में वायुसेना की भूमिका, जवानों की पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना के वायु योद्धाओं ने साहस, सटीक कार्रवाई और अभियान संबंधी तैयारियों का परिचय दिया।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है। गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों की अदम्य वीरता, सटीक निशाने और प्रभावी मारक क्षमता को देश की सुरक्षा की बड़ी ताकत बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर को किया याद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने अपनी पेशेवर दक्षता, अनुशासन और हर चुनौती के लिए तैयार रहने की क्षमता के जरिए लगातार देश की सेवा की है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय वायुसेना के साहस और सटीक कार्रवाई को प्रदर्शित किया। अभियान के दौरान दिखाई गई तैयारियों और पेशेवर क्षमता को उन्होंने भारतीय वायुसेना की ताकत का उदाहरण बताया।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force) सिर्फ युद्ध और सीमाओं की सुरक्षा के समय ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकट के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राहत और बचाव अभियानों में वायुसेना की मदद से मुश्किल परिस्थितियों में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जाती है।
उन्होंने कहा कि वायु योद्धाओं का समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणा और गर्व का स्रोत है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि भारतीय वायुसेना आगे भी सेवा, साहस और उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ाती रहेगी।
PM मोदी बोले- देश को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वायुसेना दिवस पर देश के वायु योद्धाओं को नमन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए भारतीय वायुसेना के जवानों के साहस और प्रतिबद्धता को सलाम किया।
PM मोदी ने कहा कि भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है। उन्होंने देश के आसमान की रक्षा करने वाले जवानों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
प्रधानमंत्री का संदेश उन जवानों के प्रति देश की कृतज्ञता को दर्शाता है, जो दिन-रात देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। भारतीय वायुसेना के जवानों की जिम्मेदारी सिर्फ हवाई क्षेत्र की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर युद्ध, बचाव और राहत अभियानों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
अमित शाह ने सटीक निशाने और मारक क्षमता को सराहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वायुसेना दिवस पर भारतीय वायुसेना के जवानों को नमन किया। उन्होंने वायु योद्धाओं की अदम्य वीरता, सटीक निशाने और प्रभावी मारक क्षमता की सराहना की।
अमित शाह ने कहा कि भारतीय वायुसेना के जवान वास्तविक जीवन के ऐसे बहादुर नायक हैं, जिनकी वीरता और पेशेवर क्षमता देश की सुरक्षा को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि वायु योद्धाओं की सटीक कार्रवाई और जबरदस्त मारक क्षमता का प्रभाव धरती से लेकर अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रहों तक दिखाई देता है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना के जवानों की देशभक्ति, अनुशासन और पेशेवर दक्षता आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद वायु योद्धाओं को भी श्रद्धांजलि दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
युद्ध से लेकर आपदा राहत तक अहम भूमिका
भारतीय वायुसेना देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हवाई सीमाओं की निगरानी, रणनीतिक अभियानों और युद्ध की स्थिति में दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई के अलावा वायुसेना प्राकृतिक आपदाओं के समय भी बड़ी भूमिका निभाती है।
बाढ़, भूकंप, भूस्खलन या अन्य आपदाओं के दौरान वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टर राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक निकालने और बचाव अभियानों में इस्तेमाल किए जाते हैं। दुर्गम इलाकों में जहां सड़क या अन्य माध्यमों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां वायुसेना की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
यही वजह है कि वायुसेना दिवस सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने का अवसर नहीं, बल्कि देश की रक्षा और सेवा में जुटे हजारों जवानों के योगदान को याद करने का दिन भी है।
94 साल की गौरवशाली यात्रा
भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force) की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश भारतीय वायुसेना की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और जवानों के बलिदान को याद करता है।
बीते दशकों में भारतीय वायुसेना ने अपनी क्षमता और तकनीकी ताकत को लगातार मजबूत किया है। आधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, परिवहन विमानों, ड्रोन, रडार और अन्य तकनीकों के इस्तेमाल से इसकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ी है। बदलते युद्ध के स्वरूप के साथ वायुसेना लगातार अपनी रणनीति और तकनीकी क्षमताओं को भी विकसित कर रही है।
वायुसेना दिवस पर देश के शीर्ष नेतृत्व के संदेशों में भी यही भावना प्रमुख रही कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले हर वायु योद्धा का सम्मान पूरे राष्ट्र का दायित्व है।
शहीदों को श्रद्धांजलि, परिवारों को सम्मान
वायुसेना दिवस पर देश उन जवानों को भी याद करता है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने अपने संदेशों में शहीद जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया।
साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को भी सम्मान दिया गया। नेताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए वायु योद्धाओं का समर्पण और उनके परिवारों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
94वें वायुसेना दिवस पर देश का संदेश साफ है—आसमान की सुरक्षा में तैनात हर वायु योद्धा राष्ट्र के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। उनके साहस, अनुशासन और समर्पण के कारण देश सुरक्षित महसूस करता है। भारतीय वायुसेना की यही गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।



