मोदी-जिनपिंग की मुलाकात में सीमा से लेकर ताइवान तक मुद्दों पर हुई चर्चा, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या हुई बात

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने बातचीत के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी है। मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों, सीमा पर शांति और स्थिरता के साथ-साथ एक-दूसरे की प्रमुख चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहने पर चर्चा की।
सीमा पर शांति को बताया संबंधों का आधार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान भारत की चिंताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सम्मान, आपसी हित और संवेदनशीलता महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार है। दोनों पक्षों से सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और आपसी समझ का पालन करने की बात कही गई।
सीमा विवाद के समाधान पर बनी सहमति
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सीमा से जुड़े सवाल का निष्पक्ष, उचित और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का भी स्वागत किया और रिश्तों को लेकर दीर्घकालिक तथा रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 12 साल बाद भारत दौरे पर आए थे। इससे पहले अगस्त 2025 में तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी।
ताइवान और तिब्बत के मुद्दे भी बातचीत में उठे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी चिंताओं को सामने रखा। बातचीत में ताइवान और तिब्बत जैसे मुद्दों का भी उल्लेख हुआ। इन मुद्दों का जिक्र चीन की ओर से जारी बैठक संबंधी बयान में भी किया गया था।
विपक्ष के सवालों के बीच विदेश मंत्रालय की सफाई
बैठक के बाद भारत की चीन नीति और सीमा से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए थे। इन्हीं सवालों के बीच विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत के प्रमुख बिंदुओं को सार्वजनिक किया।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत और चीन की चिंताओं तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।



