MAUSAM: देश के 21 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कहीं मिलेगी गर्मी से राहत तो कहीं लू का प्रकोप

दिल्ली। 17 जून 2026 को देश के मौसम (MAUSAM) में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कुल 21 राज्यों में खराब मौसम और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में 60 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आइए जानते हैं देश के विभिन्न हिस्सों में आज कैसा रहेगा मौसम:
दिल्ली-NCR में मौसम ने करवट ले ली है। आईएमडी के अनुसार, 17 जून को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल (MAUSAM) छाए रहेंगे और सुबह व दोपहर के समय गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश और अंधड़ का ‘येलो अलर्ट‘ जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। यहां 70 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सहित कई जिलों में 17 से 19 जून के बीच भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी है, जहां हवा की रफ्तार 50 से 65 किमी/घंटे तक जा सकती है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड के नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे (MAUSAM) जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जिसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (landslide) की आशंका है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कुल्लू में भी 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मौसम में मिला-जुला असर दिखेगा। छत्तीसगढ़ में जहां एक ओर कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर आईएमडी ने चेतावनी दी है कि राज्य के कुछ अलग-अलग हिस्सों में लू (Heatwave) की स्थिति भी बनी रह सकती है। मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए किसानों, मछुआरों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वज्रपात के समय पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें।

