नेपाल बाढ़ के बाद 229 अज्ञात शवों को दफनाने की तैयारी, पहचान के लिए लिए जाएंगे DNA सैंपल; 287 भारतीय अब भी लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव टीमों को बड़ी संख्या में शव और मानव अवशेष मिले हैं। इनमें 200 से ज्यादा शवों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने इन अज्ञात और लावारिस शवों को दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, चितवन में अधिकारियों ने शनिवार को 229 अज्ञात शवों को दफनाने का फैसला किया। ये शव बुधवार को रसुवा में आई भीषण बाढ़ के बाद चितवन जिले में मिले थे।
अधिकारियों के मुताबिक, शवों के लगातार सड़ने से स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ सकता है। चितवन की जिला सुरक्षा समिति के अनुसार, आपदा में मिले कुल 233 शवों में से सिर्फ चार की पहचान हो पाई है। बाकी 229 शव होल्डिंग सेंटर और स्वास्थ्य केंद्रों में रखे गए थे।
सड़ चुके शवों की पहचान करना मुश्किल
नदी किनारे और अलग-अलग स्थानों से बरामद शव और मानव अवशेष काफी खराब स्थिति में पहुंच चुके थे। अधिकारियों के मुताबिक, कई शवों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें देखकर पहचान करना संभव नहीं था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि शवों के और सड़ने तथा उनसे निकलने वाली दुर्गंध के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
DNA सैंपल लेने के बाद दफनाए जाएंगे शव
अधिकारियों ने Unidentified and Unclaimed Bodies Management (First Amendment) Directive, 2026 के तहत आपातकालीन उपाय के रूप में सभी अज्ञात और लावारिस शवों को दफनाने का फैसला किया है।
हालांकि, दफनाने से पहले हर शव का DNA सैंपल लिया जाएगा। साथ ही शव को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में DNA मैच होने पर मृतक की पहचान की जा सके।
चितवन पुलिस के इंस्पेक्टर अनिल थापा के मुताबिक, प्रत्येक शव के साथ स्टील प्लेट पर पहचान नंबर का टैग लगाया जा रहा है। इससे भविष्य में किसी शव की पहचान होने पर उसके परिजन संबंधित कब्र तक पहुंच सकेंगे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को बाहर निकाल सकेंगे।
देवघाट में दफनाए जाएंगे शव
अधिकारियों के अनुसार, शवों को भरतपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी के वार्ड नंबर 1 स्थित देवघाट में एक खुले स्थान पर दफनाया जा रहा है। उद्देश्य शवों का सुरक्षित, सम्मानजनक और कानूनी तरीके से निपटारा करना है, साथ ही भविष्य में पहचान की संभावना भी बनाए रखना है।
नेपाल बाढ़ में 287 भारतीय अब भी लापता
इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल बाढ़ में 88 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 287 भारतीय अभी भी लापता हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत से 6 फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है। ये विशेषज्ञ अज्ञात शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल के विश्लेषण में नेपाल के अधिकारियों की मदद करेंगे।



