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अब ट्रेन में नहीं चलेगी मनमानी, रायपुर मंडल के TTE पहनेंगे बॉडी कैमरा

रायपुर-रेल यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने और टिकट जांच के दौरान होने वाले आपसी विवादों पर लगाम लगाने के लिए रायपुर रेल मंडल ने एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल शुरू की है। अब रायपुर रेल मंडल के TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) आधुनिक बॉडी वार्न कैमरों से लैस होकर अपनी ड्यूटी करेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस व्यवस्था से टिकट चेकिंग के दौरान होने वाली हर गतिविधि कैमरे में कैद होगी, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और यात्रियों की सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी।

पहले चरण में रायपुर और दुर्ग के TTE को मिले कैमरे

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पहले चरण में रायपुर रेल मंडल को कुल 45 बॉडी वार्न कैमरे मिले हैं, जिनमें से 38 कैमरे टीटीई को बांटे जा चुके हैं।

रायपुर स्टेशन के 12 और दुर्ग स्टेशन के 26 टीटीई को इस नई व्यवस्था में शामिल किया गया है।

फिलहाल यह सुविधा एसी कोच (AC Coach) में ड्यूटी करने वाले फास्ट कंडक्टर स्टाफ को दी गई है।

आगे 280 कर्मचारियों को मिलेंगे कैमरे

इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद रेलवे इसे और अधिक व्यापक बनाने की तैयारी में है। रेलवे की आगामी योजना के तहत रायपुर रेल मंडल के करीब 280 कर्मचारियों को ये कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दायरे में पार्सल क्लर्क, कमर्शियल स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ और जनता से सीधे जुड़ने वाले (पब्लिक डीलिंग) अन्य सभी कर्मचारी शामिल होंगे।

20 घंटे बैटरी बैकअप, HD रिकॉर्डिंग और नाइट विजन जैसी हाई-टेक खूबियां

रेलवे द्वारा टीटीई को दिए गए ये बॉडी वार्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं:

बैटरी बैकअप: कैमरों में लगभग 20 घंटे का लंबा बैटरी बैकअप मिलता है।

क्वालिटी: इसमें हाई-डेफिनिशन (HD) वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा है।

नाइट विजन: रात के समय भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग के लिए नाइट विजन फीचर दिया गया है।

डेटा सुरक्षा: ड्यूटी खत्म होने के बाद पूरा डेटा प्रतिदिन रेलवे के सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।

नियम के मुताबिक ड्यूटी शुरू होने पर कैमरा ऑन करना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी कर्मचारी ने बीच ड्यूटी में कैमरा बंद किया, तो उसे इसके लिए स्पष्ट कारण देना होगा।

विवादों का तुरंत मिलेगा वीडियो सबूत

सीनियर डीसीएम डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव ने जानकारी दी कि फिलहाल 38 टीटीई को यह सुविधा दी गई है, जिसे भविष्य में सभी पब्लिक डीलिंग स्टाफ तक बढ़ाया जाएगा। किसी भी प्रकार के विवाद, झूठी शिकायत या अभद्र व्यवहार के मामलों में अब इस कैमरे की रिकॉर्डिंग ही मुख्य जांच का आधार बनेगी और उसी के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पारदर्शिता और यात्रियों को सीधा फायदा

इस पहल से यात्रियों को कई सीधे लाभ मिलेंगे:

सुरक्षा और भरोसा: टिकट जांच के दौरान होने वाली अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की शिकायतों पर रोक लगेगी।

स्पष्ट साक्ष्य: बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के पास बहस की गुंजाइश नहीं बचेगी, क्योंकि रेलवे के पास पुख्ता वीडियो साक्ष्य होगा।

जवाबदेही: इस व्यवस्था से रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों दोनों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक तनाव कम होगा।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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