ग्रीन कार्ड की राह में भारतीयों के लिए बढ़ी मुश्किल, EB-2 में 179 साल तक इंतजार का अनुमान

अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए स्थायी नागरिकता यानी ग्रीन कार्ड हासिल करना बेहद लंबी प्रक्रिया बनती जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की EB-2 श्रेणी में नए आवेदन करने वाले भारतीयों को संभावित रूप से 179 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, चीनी आवेदकों के लिए इसी श्रेणी में इंतजार करीब 25 साल रहने का अनुमान है।
करीब 10 लाख भारतीय बैकलॉग में फंसे
रिपोर्ट में अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार, भारत के करीब 10 लाख लोग रोजगार आधारित आव्रजन बैकलॉग में फंसे हुए हैं। दिसंबर 2025 तक यह संख्या कुल ग्रीन कार्ड स्टॉक का करीब 79 प्रतिशत बताई गई है।
अमेरिका में हर साल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा करीब 1.40 लाख है। इसके अलावा किसी एक देश के नागरिकों को कुल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का 7 प्रतिशत से ज्यादा देने पर भी सीमा लागू है। भारतीय पेशेवरों की बड़ी संख्या के कारण यह व्यवस्था उनके लिए लंबी कतार का कारण बन रही है।
EB-2 में सबसे लंबा इंतजार
जनवरी 2026 या उसके बाद आवेदन करने वाले भारतीयों के लिए EB-2 श्रेणी में संभावित प्रतीक्षा अवधि 179 साल तक बताई गई है। वहीं EB-3 श्रेणी में करीब 38 साल और EB-1 श्रेणी में लगभग 4 से 5 साल तक इंतजार का अनुमान है।
EB-2 श्रेणी में उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले पेशेवर और विशेष योग्यता रखने वाले लोग शामिल होते हैं। भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों की बड़ी संख्या भी इस श्रेणी में बैकलॉग बढ़ने की एक वजह मानी जा रही है।
ग्रीन कार्ड का कुल बैकलॉग भी बढ़ा
दिसंबर 2025 तक EB-1, EB-2 और EB-3 श्रेणियों का कुल बैकलॉग करीब 12.6 लाख तक पहुंच गया था। अप्रैल 2020 में यह आंकड़ा लगभग 10.5 लाख था। यानी करीब पांच साल में बैकलॉग में लगभग 20.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
भारतीयों और चीन के आवेदकों में बड़ा अंतर
अनुमान के मुताबिक, EB-2 में भारतीयों को 179 साल, जबकि चीनी आवेदकों को करीब 25 साल इंतजार करना पड़ सकता है। EB-3 में भारतीयों के लिए संभावित प्रतीक्षा अवधि करीब 38 साल और चीन के लिए लगभग 7 साल है। EB-1 में भारतीयों के लिए करीब 5 साल का इंतजार बताया गया है।
हालांकि, ये प्रतीक्षा अवधि मौजूदा बैकलॉग और आव्रजन नियमों के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। भविष्य में आवेदन की संख्या, ग्रीन कार्ड की उपलब्धता और अमेरिकी आव्रजन नीतियों में बदलाव के साथ वास्तविक समय अलग हो सकता है।



