होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नई सर्विस फीस की तैयारी, मित्र देशों को मिल सकती है विशेष रियायत

ईरान ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई व्यवस्था लागू कर सकता है। चीन में आयोजित वर्ल्ड पीस फोरम के दौरान ईरान के राजदूत अब्दोलरेज़ा रहमानी फज़ली ने बताया कि ईरान और ओमान मिलकर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के संचालन के लिए नई प्रणाली तैयार कर रहे हैं। इसके तहत जहाजों से सर्विस फीस ली जाएगी, उनकी आवाजाही की निगरानी की जाएगी और समुद्री पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ईरानी राजदूत ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क टोल टैक्स नहीं होगा, बल्कि समुद्री सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था के संचालन के लिए लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन देशों ने कठिन समय में ईरान का समर्थन किया है, उन्हें इस नई व्यवस्था के तहत विशेष रियायत या अलग प्रकार की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि, किन देशों को यह लाभ मिलेगा, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।
इस बीच अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। हाल के दिनों में बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज इस मार्ग से गुजरे हैं। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि कई जहाज अपनी इलेक्ट्रॉनिक पहचान प्रणाली (AIS) बंद रखकर यात्रा कर रहे हैं, जिससे उनकी सार्वजनिक ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह आरोप भी लगाया है कि ईरानी सुरक्षा बल वीएचएफ रेडियो के माध्यम से जहाजों से संपर्क कर उन पर दबाव बनाने या उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इन दावों के बावजूद समुद्री यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और जहाजों का आवागमन जारी है।
वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा जारी रखेगी और अपने मारे गए कमांडरों व सैनिकों के मिशन को आगे बढ़ाएगी। संगठन ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि नए नेतृत्व में भी उसके अभियान पहले की तरह जारी रहेंगे।

