पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को आसान ऋण उपलब्ध कराएं बैंक, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके अंशदान की राशि के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि लाभार्थी समय पर अपने आवास का निर्माण पूरा कर सकें।
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने नगरीय प्रशासन विभाग को भी विशेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, निर्धारित समय सीमा में मकान निर्माण पूर्ण कर गृह प्रवेश करने पर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत प्रति आवास 32,850 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा डीपीआर और पीएमसी शुल्क के रूप में 6,150 रुपये का व्यय भी राज्य सरकार वहन करेगी।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 10,549 नए आवासों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए केंद्रांश के रूप में 158.23 करोड़ रुपये, राज्यांश के रूप में 146.63 करोड़ रुपये तथा हितग्राही अंशदान के रूप में 105.49 करोड़ रुपये शामिल करते हुए कुल 410.35 करोड़ रुपये की लागत वाली 114 परियोजनाएं 144 नगरीय निकायों में प्रस्तावित की गई हैं।
बैठक में इन परियोजनाओं की स्वीकृति और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान नगरीय प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, गृह निर्माण मंडल, हुडको तथा बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

