मेलबर्न में पीएम मोदी का संबोधन, बोले- ऑपरेशन सिंदूर की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की नई कार्य संस्कृति का मूल मंत्र ‘ग्रो मोर, अचीव मोर’ है और भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में काम कर रहा है।
मेलबर्न में आयोजित ‘मेलबर्न मीट मोदी’ कार्यक्रम में करीब 30 हजार भारतीय मूल के लोग शामिल हुए। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रमाण है। उन्होंने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी संस्कृति और परंपराओं से मेलबर्न को भारतीय रंगों से भर दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी बाजार बन चुका है और स्वदेशी 6जी तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में देश के अनेक शहरों तक मेट्रो नेटवर्क पहुंचा है और अब नमो भारत रैपिड रेल सहित आधुनिक परिवहन परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत गगनयान मिशन और अपने स्वयं के स्पेस स्टेशन की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई हो रही थी और उसकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। उन्होंने कहा कि इस निर्णायक कार्रवाई ने देशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और भारत की आतंकवाद के प्रति स्पष्ट नीति को दुनिया के सामने रखा।
कार्यक्रम से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की मित्रता लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम और आर्थिक रोडमैप कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत, निवेशकों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियनसुपर की ओर से भारत में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश की घोषणा का भी स्वागत किया।

