कांकेर में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, इलाज के लिए उफनती नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कंदाड़ी के आश्रित गांव खैरीपदर सहित आसपास के कई गांवों में मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को इलाज के लिए उफनती नदी पार कर दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग मलेरिया से संक्रमित बताए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
इलाज के लिए नदी पार करने की मजबूरी
ग्रामीणों के अनुसार, खैरीपदर निवासी एक मरीज को चार दिनों से तेज बुखार था। जांच में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद उसका इलाज कराया गया, लेकिन घर लौटते समय परिवार को उफनती नदी पार करने के लिए घंटों तक नाव का इंतजार करना पड़ा। एक मां अपने बीमार बेटे को गोद में लेकर नदी किनारे बैठी नजर आई, जिसकी तस्वीर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
कंदाड़ी पंचायत के खैरीपदर, आमाटोला, आलदंड, बेहिबेड़ा, कल्पर और हिदहूर समेत कई गांवों के लोग रोजाना इसी तरह जोखिम उठाकर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण अधिकांश ग्रामीण निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर से महंगा इलाज कराने को विवश हैं।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर और नियमित सुविधाओं की उठाई मांग
ग्राम पंचायत कंदाड़ी की सरपंच ने बताया कि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे और शिविर लगाया गया था, लेकिन समय पर सूचना नहीं मिलने से कई ग्रामीण जांच से वंचित रह गए। उन्होंने प्रभावित गांवों में दोबारा विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
वहीं स्थानीय आदिवासी संगठन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, नियमित जांच, दवाइयों की उपलब्धता और मच्छरदानियों के वितरण की मांग की है। साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने और दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

