संजय दत्त बोले- बॉलीवुड में पहले परिवार जैसा माहौल था, अब बढ़ गया है कंपटीशन; जेल में सीखा माफ करना

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों और अपनी निजी जिंदगी से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। चार दशक से ज्यादा समय से फिल्म जगत का हिस्सा रहे संजय दत्त का कहना है कि पहले बॉलीवुड में परिवार जैसा माहौल होता था, लेकिन अब प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। उन्होंने हॉलीवुड की कार्यसंस्कृति की भी तारीफ की और जेल में बिताए समय से मिले जीवन के सबसे बड़े सबक का जिक्र किया।
पहले सब एक-दूसरे की मदद करते थे
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में संजय दत्त ने कहा कि जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी, तब इंडस्ट्री में कलाकार एक परिवार की तरह रहते थे और एक-दूसरे की मदद करते थे। उनका कहना है कि अब फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
हॉलीवुड की कार्यसंस्कृति की तारीफ
संजय दत्त ने कहा कि हॉलीवुड में अभिनेता, लेखक और फिल्म से जुड़े अन्य लोग एकजुट होकर काम करते हैं। वहां एक-दूसरे की सफलता का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑस्कर जैसे बड़े समारोहों में भी कलाकार बिना किसी ईर्ष्या के एक-दूसरे की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं।
जेल में सीखा माफ करना
संजय दत्त ने बताया कि जेल में बिताए समय के दौरान उन्हें जीवन का सबसे अहम सबक मिला। उन्होंने कहा कि एक कॉन्स्टेबल ने उन्हें लोगों को माफ करना सिखाया। उनके अनुसार, अगर किसी ने आपको दुख पहुंचाया हो, तब भी उसे माफ कर देना चाहिए, क्योंकि इससे इंसान जीवन में आगे बढ़ पाता है।
‘मुन्ना भाई’ है सबसे खास किरदार
संजय दत्त ने कहा कि उन्हें गैंगस्टर के किरदार निभाना पसंद है, लेकिन ‘मुन्ना भाई’ उनके दिल के सबसे करीब है। उनका मानना है कि इस फिल्म ने उनकी सोच बदल दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार करना चाहिए और सिर्फ दो मिनट निकालकर उनका हाल पूछना भी उनके लिए बड़ी राहत बन सकता है।
हालिया फिल्मों में दिखा दमदार अंदाज
संजय दत्त हाल ही में फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में एसपी असलम की भूमिका में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने ‘राजा शिवाजी’ और ‘द राजा साहब’ जैसी फिल्मों में भी अहम किरदार निभाए हैं।

