भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका? SLP खारिज, 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

बिलासपुर। पाटन विधानसभा चुनाव 2023 से जुड़ी चुनाव याचिका के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि, उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी मामले में पक्षकारों को हाईकोर्ट के समक्ष अपने तर्क रखने की स्वतंत्रता दी थी।
दरअसल, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पाटन विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने आदर्श आचार संहिता और चुनाव संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन किया। विजय बघेल की याचिका में भूपेश बघेल के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट में जारी है चुनाव याचिका पर सुनवाई
भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका की पोषणीयता और सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति जताई गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को भूपेश बघेल की ओर से दायर आवेदन को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने का आधार इस स्तर पर स्थापित नहीं होता और मामले में आगे ट्रायल जारी रहेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान समाप्त होने से पहले के प्रतिबंधित 48 घंटे के दौरान कथित रूप से रैली/रोड शो और चुनाव प्रचार किया गया। कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों की सत्यता और उनके प्रभाव का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जाएगा।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका को आगे की कार्यवाही के लिए 5 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। उस दिन चुनाव याचिकाकर्ता और उनके गवाहों के साक्ष्य रिकॉर्ड किए जाने हैं।
इस मामले में अभी यह तय नहीं हुआ है कि विजय बघेल की चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की मेरिट और उनसे जुड़े साक्ष्यों पर आगे ट्रायल के दौरान कानून के अनुसार विचार किया जाएगा।



