लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोपी शोएब ढेबर को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

रायपुर। कांग्रेस नेता को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर को कोर्ट से झटका लगा है। डीजे कोर्ट यानी जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी की ओर से पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम घोषित
फरार आरोपी शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने 5 हजार रुपये का नगद इनाम घोषित किया है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के संबंध में जानकारी देने की अपील की है और सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर, उम्र 26 वर्ष, रायपुर के पाम बेलाजियो, विधानसभा रोड, पंडरी का निवासी है। उसके खिलाफ तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 403/2026 दर्ज है। मामले में BNS की धारा 308(4), 351(3), 351(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने जारी किए संपर्क नंबर
पुलिस ने शोएब ढेबर के संबंध में सूचना देने के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। लोग ACP सिविल लाइंस- 94252-62002, तेलीबांधा थाना प्रभारी- 99074-71911 और निरीक्षक सतीश सिंह- 94061-17235 पर जानकारी दे सकते हैं।
पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को प्रार्थी आनंदमल कुकरेजा के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अमन साहू गैंग से जुड़ा बताते हुए 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। साथ ही प्रार्थी, उसके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
मामला दर्ज होने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर को शोएब ढेबर को पकड़ा गया था। उसके कब्जे से घटना से संबंधित पांच आईफोन जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई।
इसके बाद आरोपी को रिमांड कोर्ट में पेश किया गया। बाद में पुलिस ने मामले में दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति के लिए 28 सितंबर को नियमित अदालत में आवेदन दिया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद से पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश कर रही है।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस के अनुसार हैं; इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया में होगी।



