दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, बोलीं- मौत की सजा, गिरफ्तारी और जेल का भी नहीं डर; विदेशी मदद की जरूरत नहीं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने का अपना इरादा एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने कहा है कि गिरफ्तारी, जेल, प्रताड़ना या मौत का खतरा होने के बावजूद वह बांग्लादेश वापस जाएंगी। हसीना ने स्पष्ट किया कि अपने देश लौटने के लिए उन्हें भारत या किसी अन्य विदेशी ताकत की मदद की जरूरत नहीं है।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि अगस्त में पहली बार वापसी का ऐलान करने के बाद से उनका फैसला नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि अगर मौत उनकी किस्मत में है, तो वह अपने देश की धरती पर और अपने लोगों के बीच मरना पसंद करेंगी।
हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि बांग्लादेश लौटते ही गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्हें जेल, प्रताड़ना या जान से मारने का खतरा भी हो सकता है, लेकिन वह अपनी बाकी जिंदगी अपने लोगों से दूर रहकर नहीं बिताना चाहतीं।
विदेशी मदद की जरूरत नहीं: शेख हसीना
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत या अमेरिका उनकी सुरक्षित वापसी के लिए बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाएंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी विदेशी सरकार के समर्थन की जरूरत नहीं है। हसीना के मुताबिक, वह सभी देशों के साथ दोस्ती और सहयोग को महत्व देती हैं, लेकिन अपने देश लौटने के लिए किसी विदेशी ताकत के आशीर्वाद की आवश्यकता नहीं है।
बांग्लादेश में सुनाई गई है मौत की सजा
शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हट गई थीं और बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी गैरमौजूदगी में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी।
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, उस हिंसा के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, हसीना ने आरोपों से इनकार करते हुए फैसले को खारिज किया है और मुकदमे की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
बांग्लादेश की ओर से कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग की गई है, लेकिन भारत ने उन्हें सौंपने से इनकार किया है।
अवामी लीग के भविष्य पर भी उठाए सवाल
हसीना की वापसी की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब उनकी पार्टी अवामी लीग का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। पार्टी पर प्रतिबंध है और उसके कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है या देश छोड़ना पड़ा है। पार्टी को फरवरी में हुए चुनाव में हिस्सा लेने से भी रोक दिया गया था।
हसीना ने आरोप लगाया कि उनके सत्ता से हटने के बाद अवामी लीग के समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2024 से अब तक पार्टी के कम से कम 20 हजार सदस्य मारे जा चुके हैं और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया, प्रताड़ित किया गया या छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस इंटरव्यू में नहीं दी गई है।
बांग्लादेश में चरमपंथी समूहों के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में चरमपंथी समूहों के बढ़ते प्रभाव और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में कट्टरपंथी तत्वों का प्रभाव बढ़ा है और देश में सामान्य राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक माहौल नहीं है।
वहीं, बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि गिरफ्तारियां विशिष्ट आरोपों के आधार पर की जा रही हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी नागरिक और राजनीतिक अधिकारों को लेकर चिंता जताई है।
शेख हसीना की दिसंबर में स्वदेश वापसी की घोषणा ने बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, उन्होंने अपनी वापसी की तारीख और भारत से बांग्लादेश जाने के तरीके का खुलासा नहीं किया है।



