
पटना। बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग किए जाने का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और RJD नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को DGP से मुलाकात की और पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
DGP कार्यालय से बाहर निकलने के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने का आदेश आखिर किसने दिया? तेजस्वी ने कहा कि सिर्फ एक निचले स्तर के पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करके मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।
‘सिर्फ सिपाही पर कार्रवाई क्यों?’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में एक पुलिसकर्मी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर फायरिंग का आदेश वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से दिया गया था, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सिवान SP समेत जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने और FIR दर्ज करने की मांग की है।
तीन युवाओं के घायल होने का दावा
तेजस्वी यादव के मुताबिक, सिवान और जहानाबाद में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन युवा AK-47 की गोलीबारी की चपेट में आए, हालांकि उनकी जान बच गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए इतनी गंभीर कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। तेजस्वी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
न्यायिक जांच की भी मांग
तेजस्वी यादव ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ का पालन क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि फायरिंग का आदेश देने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार से पूछा- आदेश किसने दिया?
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी जवाब मांगा। उनका कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों पर फायरिंग का आदेश किसने दिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले पर जवाब देने से बच रही है और छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
‘बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने देंगे’
तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की तो विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
उन्होंने NEET और पेपर लीक जैसे मामलों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्ती और दूसरी तरफ बड़े मामलों में आरोपियों को राहत मिलने पर सवाल खड़े होते हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि अगर कथित फायरिंग के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो विपक्ष बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
फिलहाल छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग का मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में है। तेजस्वी यादव की मांगों के बाद अब निगाहें सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर हैं कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।



