ईरान से खतरे के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन से B-1 बॉम्बर हटाए, ट्रंप बोले- खतरे का अंदाजा था

अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने B-1 बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेज दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान से जुड़े संभावित खतरे को देखते हुए विमानों को वहां रखना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि खतरे का अंदाजा होने के बाद विमानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना बेहतर फैसला था।
ट्रंप ने कहा- खतरा था तो विमानों को वहां क्यों रखते
RAF फेयरफोर्ड से बॉम्बर विमानों की वापसी को लेकर पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को वहां संभावित खतरे की जानकारी थी। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में विमानों को वहां छोड़ने का कोई कारण नहीं था और उन्हें दूसरी जगह भेजने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका उन लोगों के बारे में जानता है, जिन्होंने धमकी दी थी। ईरान से उनके संबंध के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उनका ईरान से संबंध हो सकता है।
संदिग्ध आतंकी साजिश के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता
अमेरिकी वायु सेना ने RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर संदिग्ध आतंकी हमले की जांच के बाद वहां तैनात B-1 बॉम्बर विमानों को स्थानांतरित किया। इन विमानों को वापस अमेरिका स्थित सैन्य ठिकानों पर भेजा गया है। हाल के समय में इन अमेरिकी बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में भी किया गया था।
सितंबर में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर एक सुरक्षा घटना सामने आई थी। इसके बाद ब्रिटेन में एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक समेत छह लोगों को संदिग्ध आतंकी साजिश के मामले में हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
जेडी वेंस ने बताया एहतियाती कदम
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बॉम्बर विमानों को हटाने के फैसले को एहतियाती कदम बताया। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और अन्य देशों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका इस मामले में बेहद सतर्क है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बॉम्बर विमानों की वापसी और कथित ईरानी साजिश के बीच सीधे संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग जरूरत के हिसाब से अपने सैन्य संसाधनों को अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित करता रहता है।
ईरान ने संलिप्तता के संकेतों पर उठाए सवाल
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने RAF फेयरफोर्ड की घटना में ईरान की संलिप्तता के संकेतों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विदेशी राज्यों के लिए काम करने वाले कथित आतंकवादियों को रिहा किए जाने का मुद्दा कई सवाल खड़े करता है। ब्रिटेन की ओर से इस मामले में ईरान से जुड़े संभावित संबंधों के संकेत दिए जाने के बाद ईरान की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है।



