PMGSY की सड़क बारिश में हुई गायब तो ग्रामीणों ने की धान की रोपाई, अनोखे प्रदर्शन से प्रशासन का खींचा ध्यान

गरियाबंद। बारिश के बाद जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को कुरलापारा से थाना मार्ग के करीब 100 मीटर हिस्से में ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि बारिश होते ही यहां सड़क की जगह कीचड़ और पानी नजर आने लगता है।
बारिश में सड़क पर चलना भी मुश्किल
ग्रामीणों के मुताबिक कुरलापारा से थाना मार्ग के 100 मीटर हिस्से में बारिश का पानी भरने के कारण सड़क पूरी तरह खराब हो जाती है। हल्की बारिश में भी पूरा मार्ग कीचड़ से लथपथ हो जाता है। हालात ऐसे हैं कि इस रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि न तो पैदल राहगीर आसानी से इस मार्ग का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही दोपहिया वाहन चालक। लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पांच साल पहले हुआ था आखिरी निर्माण
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत अमलीपदर-खरीपथरा मार्ग पर सड़क का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण दो बार हो चुका है। अंतिम बार वर्ष 2021 में सड़क बनाई गई थी।
करीब पांच साल बाद सड़क जर्जर होने पर ग्रामीण अब इसके रिन्यूअल यानी नवीनीकरण की मांग कर रहे हैं।
विभाग ने भेजा सड़क रिन्यूअल का प्रस्ताव
PMGSY के उपयंत्री सौरभ दास ने बताया कि सड़क का निर्माण करीब पांच साल पहले हुआ था। सड़क के रिन्यूअल के लिए प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़क निर्माण का काम कराया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों के धान रोपाई कर किए गए इस अनोखे प्रदर्शन ने जर्जर सड़क की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है।



