Gen Z संवाद के सूत्रधार ऋषभ शाह कौन हैं? जानिए IIMUN और उनकी पूरी कहानी

मुंबई में आयोजित Gen Z और Gen Alpha संवाद कार्यक्रम के बाद इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (IIMUN) और इसके संस्थापक ऋषभ शाह चर्चा में हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने करीब 2,000 युवा प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन और मेजबानी IIMUN के संस्थापक एवं अध्यक्ष ऋषभ शाह ने की, जिसके बाद उनके संगठन और कार्यों को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है।
क्या है IIMUN और कौन हैं ऋषभ शाह?
ऋषभ शाह ने वर्ष 2011 में IIMUN की स्थापना की थी। इस संगठन का उद्देश्य छात्रों और युवाओं में नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक मूल्यों, कूटनीति, संवाद और वैश्विक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मुंबई निवासी ऋषभ शाह ने कम उम्र में इस पहल की शुरुआत की, जो आज भारत समेत कई देशों में सक्रिय युवा मंच बन चुका है। संगठन का दावा है कि उसके कार्यक्रमों के जरिए लाखों छात्र-युवा जुड़ चुके हैं और विभिन्न शहरों में नियमित सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं।
ऋषभ शाह ने अपनी शुरुआती शिक्षा मुंबई के ग्रीनलॉन्स हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद एच.आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक किया और ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन से स्पीच, ड्रामा और थिएटर की पढ़ाई पूरी की। वह एक लेखक, मोटिवेशनल स्पीकर, सामाजिक उद्यमी और शिक्षाविद भी हैं। साथ ही अपने पारिवारिक आयरन एवं स्टील कारोबार से भी जुड़े हुए हैं।
मोहन भागवत के संवाद से चर्चा में आया संगठन
IIMUN के मंच पर देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियां पहले भी शामिल हो चुकी हैं। पूर्व राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, न्यायाधीश, उद्योगपति और फिल्म जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियां संगठन के कार्यक्रमों में युवाओं से संवाद कर चुकी हैं। मुंबई में आयोजित इसी कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत ने लोकतंत्र, संवाद और युवा भागीदारी पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का एक वैध माध्यम है, लेकिन उसका उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना नहीं बल्कि आम सहमति बनाना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो लोग आंदोलन का रास्ता अपनाते हैं। भागवत ने Gen Z की शिकायतों को जायज बताते हुए युवाओं की ईमानदारी और सकारात्मक सोच पर भरोसा जताया। इस कार्यक्रम को युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।



