रूस में संसदीय चुनाव के शुरुआती रुझान: यूनाइटेड रशिया आगे, 57% से ज्यादा वोट
मतगणना जारी; कम्युनिस्ट पार्टी और एलडीपीआर पीछे, 56.66% मतदान दर्ज

मॉस्को। रूस में तीन दिन तक चले संसदीय चुनाव के बाद मतगणना (parliamentary elections) जारी है। शुरुआती आधिकारिक रुझानों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी सबसे आगे चल रही है।
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार पार्टी को पार्टी-लिस्ट वोटिंग में करीब 57.5% वोट मिले हैं। हालांकि अंतिम आधिकारिक परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं।
रूस में इस बार 56.66% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन चला और इसमें करीब 11.1 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र थे।
यह 2022 में यूक्रेन पर रूस (parliamentary elections) के पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। देश की 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया है।
यूनाइटेड रशिया सबसे आगे
मतगणना के शुरुआती चरण में यूनाइटेड रशिया को स्पष्ट बढ़त मिली हुई है। इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस (LDPR) प्रमुख दलों में शामिल हैं। न्यू पीपल और ए जस्ट रशिया भी चुनाव मैदान में हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, यूनाइटेड रशिया को करीब 58% वोट मिलने के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं। वहीं चुनाव से पहले के एग्जिट पोल में पार्टी के लिए 49.4% वोट का अनुमान लगाया गया था।
कम्युनिस्ट पार्टी के लिए 14.2%, LDPR के लिए 10.7% और न्यू पीपल के लिए 9.7% वोट का अनुमान था। एग्जिट पोल और शुरुआती आधिकारिक परिणामों में अंतर होने के कारण अंतिम परिणाम आने तक आंकड़े बदल सकते हैं।
पहली बार युद्ध के बाद संसदीय चुनाव
2026 का चुनाव रूस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह यूक्रेन में 2022 में शुरू हुए पूर्ण पैमाने के युद्ध के बाद पहला संसदीय चुनाव है।
राष्ट्रपति पुतिन ने मतदान को देश की एकता और उनकी नीतियों के समर्थन के संकेत के रूप में पेश किया था। चुनाव से पहले उन्होंने रूसियों से मतदान करने की अपील की थी।
हालांकि चुनाव में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा (parliamentary elections) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठे हैं। समाचार एजेंसियों के अनुसार अधिकांश प्रमुख युद्ध-विरोधी उम्मीदवार चुनाव मैदान से बाहर रहे। याब्लोको पार्टी को भी पार्टी-लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। इसके अलावा कई विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई और प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं।
यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में भी मतदान
रूस ने यूक्रेन के जिन क्षेत्रों पर कब्जा कर उन्हें अपने क्षेत्र में शामिल करने का दावा किया है, वहां भी मतदान कराया गया। इनमें डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया के हिस्से तथा क्रीमिया शामिल हैं।
यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने इन क्षेत्रों में रूसी चुनाव कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और मतदान के परिणामों को मान्यता नहीं देने की बात कही है।
चुनाव के दौरान ड्रोन हमले
रूस में मतदान के अंतिम दिन यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले भी किए गए। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार यूक्रेन ने रूस की ओर 1,000 से ज्यादा ड्रोन भेजे, जिनमें बड़ी संख्या में ड्रोन मॉस्को क्षेत्र की ओर थे।
मॉस्को के अधिकारियों ने इसे राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया। हमले में दो लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
अंतिम परिणाम का इंतजार
फिलहाल मतगणना जारी है और केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से अंतिम आंकड़े जारी किए जाने बाकी हैं। शुरुआती रुझानों में यूनाइटेड रशिया को बड़ी बढ़त मिली है, जबकि अन्य दल उसके पीछे चल रहे हैं। अंतिम परिणाम आने के बाद ही स्टेट ड्यूमा में विभिन्न दलों की सीटों की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।



