महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा विवाद, हेली मैथ्यूज के आउट होने पर उठे सवाल

आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के मुकाबले में अंपायरिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. वेस्टइंडीज की कप्तान Hayley Matthews को थर्ड अंपायर ने कैच आउट करार दिया, जबकि टीवी रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच स्पष्ट गैप दिखाई दे रहा था.
क्या था मामला?
वेस्टइंडीज की पारी के चौथे ओवर में इंग्लैंड की गेंदबाज Linsey Smith की गेंद पर हेली मैथ्यूज ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया. गेंद सीधे विकेटकीपर Amy Jones के दस्तानों में चली गई, जिसके बाद इंग्लैंड टीम ने जोरदार अपील की.
मैदानी अंपायर ने शुरुआत में नॉट आउट का फैसला दिया, लेकिन इंग्लैंड की कप्तान Charlie Dean ने DRS लिया.
अल्ट्रा-एज और वीडियो रीप्ले में विरोधाभास
थर्ड अंपायर Nimali Perera ने अल्ट्रा-एज तकनीक का इस्तेमाल किया. इसमें एक स्पाइक दिखाई दी, जो आमतौर पर बल्ले और गेंद के संपर्क का संकेत मानी जाती है.
हालांकि, उसी समय उपलब्ध वीडियो रीप्ले में गेंद और बल्ले के बीच साफ दूरी नजर आ रही थी. यही वजह रही कि फैसले पर सवाल उठने लगे. तमाम जांच के बाद भी थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर से फैसला बदलकर आउट देने को कहा.
हेली मैथ्यूज ने जताई नाराजगी
फैसले के बाद हेली मैथ्यूज स्पष्ट रूप से निराश और नाराज दिखीं. मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने दोनों ऑन-फील्ड अंपायरों से चर्चा की. डगआउट में पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपने कोच Shane Deitz के साथ रीप्ले देखा और बाद में रिजर्व अंपायर से भी इस फैसले पर लंबी बातचीत की.
तकनीक पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्रिकेट जगत में एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि जब अल्ट्रा-एज और वीडियो फुटेज अलग-अलग संकेत दें, तो किस तकनीक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं.
यह विवाद टूर्नामेंट के सबसे चर्चित अंपायरिंग फैसलों में से एक बन गया है और आने वाले दिनों में आईसीसी की तकनीकी समीक्षा पर भी चर्चा तेज हो सकती है.

