रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने को तैयार जेलेंस्की, मौजूदा मोर्चे पर सीजफायर का दिया संकेत

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि युद्ध रोकने के लिए मौजूदा फ्रंटलाइन की स्थिति को स्थिर किया जा सकता है। इसका मतलब है कि रूस ने यूक्रेन के जिन इलाकों पर कब्जा कर रखा है, वहां मौजूदा सैन्य स्थिति को अस्थायी रूप से बनाए रखते हुए संघर्षविराम की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। हालांकि, इसे अंतिम शांति समझौते के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
सीजफायर को युद्ध खत्म करने का रास्ता मान रहे जेलेंस्की
एक इंटरव्यू में जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या वह ऐसे शांति समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसमें मौजूदा मोर्चों की स्थिति को स्थिर कर दिया जाए और यूक्रेन के पास उसका लगभग 75 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र बना रहे। इस पर उन्होंने सहमति जताते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति को स्थिर करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, संघर्षविराम युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक वास्तविक रास्ता हो सकता है।
जेलेंस्की ने कूटनीतिक प्रयासों का भी समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत से सकारात्मक परिणाम निकल सकते हैं। उन्होंने कीव, वॉशिंगटन और मॉस्को के नेतृत्व के बीच वार्ता की जरूरत पर भी जोर दिया।
रूस के हथियारों के जखीरे को लेकर चिंता
दूसरी ओर, खबरों के मुताबिक रूस यूक्रेन के खिलाफ लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहा है। रूस के पास लगभग 700 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6,000 से अधिक हमलावर ड्रोन जमा होने का दावा किया गया है। रूस हर महीने करीब 10,000 ड्रोन बनाने की क्षमता के साथ अपने हथियारों का भंडार बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य यूक्रेन की हवाई रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाना बताया जा रहा है।
यूक्रेन में हवाई हमले, ऊर्जा ठिकानों को भी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के निप्रोपेत्रोवस्क क्षेत्र में रूसी हमलों से कई इलाकों में आग लगने और जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। डुबनो में एक शॉपिंग सेंटर पर भी हमला हुआ, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसका निशाना यूक्रेन का एक लॉजिस्टिक्स केंद्र था।
वहीं, यूक्रेन की सेना भी रूसी ठिकानों को निशाना बना रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस के कब्जे वाले डोनेस्क क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं पर हमले हुए हैं। इसके अलावा, यूक्रेन ने रूस के ताम्बोव क्षेत्र में निकोल्स्कोये तेल पंपिंग स्टेशन पर ड्रोन हमले किए। यह स्टेशन प्रमुख तेल पाइपलाइन नेटवर्क का हिस्सा है।
दोनों देशों के बीच लगातार जारी हमलों के बीच जेलेंस्की का सीजफायर संबंधी बयान युद्ध के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, संघर्षविराम पर रूस की सहमति और किसी ठोस शांति समझौते की संभावनाएं अभी स्पष्ट नहीं हैं।



