चंद्रचूड़ सिंह के परिवार में 150 करोड़ की पैतृक संपत्ति का विवाद: भाई के साथ पुलिस के सामने पहुंचे एक्टर, फर्जी वसीयत से संपत्ति हड़पने का आरोप

अलीगढ़। ‘माचिस’, ‘क्या कहना’ और ‘दाग द फायर’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह (Chandrachur) का पारिवारिक संपत्ति विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। पैतृक हवेली और करोड़ों की जमीन से जुड़े मामले में उन्होंने अपनी चाची, चचेरे भाई-बहन समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। शनिवार को चंद्रचूड़ सिंह अपने भाई और फिल्म निर्देशक अभिमन्यु सिंह के साथ जलालपुर पुलिस चौकी पहुंचे।
पुलिस ने दोनों भाइयों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंपे। पुलिस अब मामले में दूसरे पक्ष से भी संपर्क कर उनका पक्ष जानने की तैयारी कर रही है।
1885 में बनी है पैतृक हवेली
मामला खैर रोड स्थित जलालपुर की करीब 140 साल पुरानी पैतृक हवेली (Chandrachur) से जुड़ा है। वर्ष 1885 में बनी यह हवेली करीब 10 एकड़ में फैली है। इससे जुड़ी करीब 56 एकड़ जमीन भी बताई गई है। चंद्रचूड़ के पिता कैप्टन बलदेव सिंह सेना में थे और बाद में राजनीति में आए। उनके भाई पुण्य प्रताप सिंह और गंगा सिंह हवेली में रहते हुए जमीन की देखरेख करते थे।
फर्जी वसीयत का लगाया आरोप
चंद्रचूड़ और अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह की बीमारी का फायदा उठाकर वर्ष 1997 में उनकी मृत्यु से एक दिन पहले कथित फर्जी वसीयत (Chandrachur) तैयार कराई गई। जबकि वर्ष 1995 की पंजीकृत वसीयत में संपत्ति तीनों बेटों में बराबर बांटी गई थी। भाइयों का दावा है कि करीब 150 करोड़ रुपए की पैतृक संपत्ति पहले ही बेची जा चुकी है।
दूसरी ओर, चाची गायत्री देवी ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अंतिम वसीयत में संपत्ति उनके बेटे के नाम की गई थी और परिवार के कुछ लोग गलत तरीके से संपत्ति पर दावा कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के दस्तावेज और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस चौकी पहुंचे चंद्रचूड़ सिंह के प्रशंसकों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।



