वैशाली नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, एक परिवार की 3 सगी बहनें भी शामिल; PM मोदी ने 2 लाख, CM सम्राट ने 4 लाख देने का ऐलान

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले (Vaishali boat accident) के राघोपुर में मंगलवार शाम गंगा की छोटी धारा में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में 10 बच्चियां शामिल हैं। हादसा उस समय हुआ, जब गांव के लोग नाव से दूसरी ओर आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे।
नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे, जबकि उसकी क्षमता महज 6 लोगों की बताई गई है। हादसे में सात लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) रेफर किया गया।
घटना रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला के पास मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे हुई। नाव माता महारानी स्थान के पास से लोगों को लेकर दूसरी ओर जा रही थी।
बीच धारा में पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इसके बाद नाव पर सवार लोग पानी में डूबने लगे। हादसे की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने अंधेरे में मोबाइल और टॉर्च की रोशनी के सहारे बचाव अभियान शुरू किया।
अंधेरे में मोबाइल-टॉर्च की रोशनी से रेस्क्यू
हादसे के बाद स्थानीय लोग तत्काल नदी में उतरे और डूब रहे लोगों (Vaishali boat accident) को बाहर निकालने की कोशिश की। पानी से निकाले गए बच्चों को कंधे और खटिया के सहारे सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें राघोपुर फतेहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने 13 लोगों की मौत की पुष्टि की। सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना के NMCH रेफर किया गया। घटनास्थल पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने भी पहुंचकर तलाशी और बचाव अभियान चलाया।
नाव पर क्षमता से 4 गुना ज्यादा लोग सवार थे
हादसे के पीछे ओवरलोडिंग को प्रमुख वजह माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे, जबकि उसकी क्षमता छह लोगों की थी। अधिक लोगों के सवार होने से नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।
दूसरी बड़ी चिंता रात के समय नाव के परिचालन को लेकर है। घटना शाम करीब 7:30 बजे हुई, जब अंधेरा हो चुका था। ऐसे में नाव पलटने के बाद लोगों को बचाने में भी मुश्किल आई।
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे में इस्तेमाल की गई नाव जर्जर थी। बताया गया कि बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अंचल कार्यालय की ओर से नाव उपलब्ध कराई गई थी। नाव की स्थिति और परिचालन से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की मौत
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों में एक ही परिवार की तीन सगी बहनें सुनीता कुमारी (13), अमृता कुमारी (16) और अंकिता कुमारी (6) शामिल हैं। तीनों के पिता का नाम राज किशोर राय बताया गया है। एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य बच्चों में मीरा कुमारी (12), निशु कुमारी, अनिशा कुमारी (18), आर्यन कुमार, मोहन कुमार (14), पिंकी कुमारी (13), नमन कुमार (10), सिकी कुमारी (16), भोनू कुमारी (12) और सोनम कुमारी शामिल हैं। सभी मृतक रामपुर श्यामचंद गांव के निवासी बताए गए हैं।
CM सम्राट चौधरी ने 4 लाख रुपये की सहायता घोषित की
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा करने तथा घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
PM मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये घोषित किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वैशाली नाव हादसे (Vaishali boat accident) पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
इस तरह मृतकों के परिजनों को केंद्र और राज्य सरकार की घोषणाओं के मुताबिक कुल छह लाख रुपये की सहायता मिल सकती है। फिलहाल हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से राहत-बचाव और घायलों के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है।



