NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ हिरासत में, महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट के आरोप पर FIR की मांग; राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा

दिल्ली। दिल्ली में महिला कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कई कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सभी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दे रहे थे। NSUI का आरोप है कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई थी। संगठन इस मामले में संबंधित महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहा है।
NSUI के मुताबिक, इस मामले को लेकर संगठन के सदस्यों ने बुधवार को एडिशनल DCP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने की कोशिश की थी। इसके बावजूद शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान विनोद जाखड़ की शर्ट फटने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
इस मामले को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उठाया था। उन्होंने बुधवार को अपने आवास के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान NSUI के उन कार्यकर्ताओं और छात्रों को भी साथ लाए थे, जिन्होंने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। राहुल ने पीड़ितों की बात सुनने के बाद उनसे घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा था।
जाखड़ बोले- महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना अपराध है?
मीडिया से बातचीत में NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान संगठन की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई थी। जाखड़ का दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं को एक अंधेरे कमरे में ले जाया गया, जहां उनके साथ जूते और बूट से मारपीट की गई।
जाखड़ ने कहा कि संगठन केवल FIR दर्ज कराने की मांग कर रहा है, लेकिन पुलिस अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि DCP न तो उनसे बातचीत कर रहे हैं और न ही शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना क्या अपराध है? NSUI का कहना है कि जब तक कथित मारपीट के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक संगठन इस मुद्दे को उठाता रहेगा।
हालांकि, महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने सुनाई आपबीती
राहुल गांधी ने बुधवार को अपने आवास के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर NSUI कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया था। इस दौरान छात्र-छात्राओं, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी गई। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान से सुनने की क्षमता चली गई।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। ये सभी आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि स्वतंत्र जांच या आधिकारिक मेडिकल और पुलिस रिकॉर्ड से होना बाकी है।
राहुल गांधी ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से घटनाओं के वीडियो, तस्वीरों और दूसरे सबूतों को सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक के स्तर पर जवाबदेही तय करने की बात भी कही।
FIR दर्ज नहीं होने से नाराज NSUI कार्यकर्ता
NSUI का कहना है कि संगठन ने कथित मारपीट के मामले में शिकायत दर्ज कराने और FIR की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया था। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया।
संगठन की मांग है कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। फिलहाल, हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की रिहाई और FIR दर्ज होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सात दिन में विपक्ष के पांच बड़े प्रदर्शन
पिछले कुछ दिनों में विपक्षी दलों और उनसे जुड़े संगठनों ने अलग-अलग मुद्दों पर दिल्ली में प्रदर्शन तेज किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सात दिनों के भीतर विपक्ष की ओर से पांच बड़े प्रदर्शन किए गए। NSUI का यह प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक गतिविधि के बीच हुआ है।
महिला कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट का मामला अब पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही की मांग से जुड़ गया है। एक ओर NSUI FIR दर्ज करने पर जोर दे रहा है, वहीं राहुल गांधी के इस मुद्दे को उठाने के बाद कांग्रेस ने भी इसे प्रमुखता दी है। अब मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, शिकायत पर कार्रवाई और कथित मारपीट के आरोपों की जांच अहम होगी।



