मोदी सरकार की 5 बड़े संवैधानिक संशोधनों की तैयारी, परिसीमन से लेकर महिला आरक्षण तक हो सकते हैं अहम बदलाव

नई दिल्ली: केंद्र सरकार आने वाले समय में संविधान में 5 बड़े संशोधन करने की तैयारी कर रही है। इन प्रस्तावित बदलावों में परिसीमन, महिला आरक्षण, ‘एक देश-एक चुनाव’, समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े सुधार और जेल जाने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री के इस्तीफे से जुड़ा कानून शामिल बताया जा रहा है।
इन संशोधनों को लागू करने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। सरकार ने इसी साल अप्रैल में भी कुछ संवैधानिक संशोधन लाने की कोशिश की थी, लेकिन जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण वे पारित नहीं हो सके।
प्रस्तावित संशोधनों में लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद महिला आरक्षण लागू करने, लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने, यूसीसी से जुड़े सुधार और ऐसा कानून बनाने की बात शामिल है, जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री के 30 दिन से अधिक जेल में रहने पर इस्तीफा देना अनिवार्य हो सकता है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है। हालांकि, ऐसे किसी भी संशोधन के लिए विशेष बहुमत जरूरी होता है।
अब तक मोदी सरकार 8 संवैधानिक संशोधन कर चुकी है। वहीं, सबसे अधिक 30 संशोधन इंदिरा गांधी सरकार के दौरान किए गए थे। यदि सरकार अपने प्रस्तावित संशोधन पारित कराने में सफल रहती है, तो यह उसके कार्यकाल के सबसे बड़े संवैधानिक बदलावों में शामिल होगा।

