BJP नेता और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो के बीच विवाद, पुलिस भाजपा नेता को थाने लाई
CSP से हुई तीखी बहस

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो और भाजपा नेता धीरज सिंह के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार दोपहर घड़ी चौक स्थित एक निजी होटल के पास दोनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस भाजपा नेता धीरज सिंह को अपने वाहन में बैठाकर थाने ले आई। वहीं, आकांक्षा टोप्पो अपने सहयोगियों के साथ निजी वाहन से कोतवाली पहुंचीं।
इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब विवाद दोनों पक्षों के बीच हुआ, तो पुलिस केवल भाजपा नेता को ही अपने वाहन में थाने क्यों लेकर आई? इसी बात को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी के चेंबर में मौजूद सीएसपी राहुल बंसल और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। थाने में हुए इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो पिछले कुछ समय से अलग-अलग राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां कर रही थीं। इनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और विपक्ष के नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। उनकी टिप्पणियों को लेकर पहले भी शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है।
पिछले कुछ दिनों से आकांक्षा टोप्पो और भाजपा सरगुजा जिला पदाधिकारी धीरज सिंह के बीच सोशल मीडिया पर विवाद चल रहा था। आरोप है कि आकांक्षा ने भाजपा नेता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणी की थी। इसके जवाब में धीरज सिंह के समर्थकों की ओर से भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे थे।
इसी विवाद के बीच रविवार दोपहर अंबिकापुर के घड़ी चौक स्थित एक निजी होटल के पास दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया।
पुलिस भाजपा नेता को अपने वाहन से थाने लाई
होटल के पास विवाद की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस भाजपा नेता धीरज सिंह को अपने वाहन में बैठाकर थाने ले आई। वहीं आकांक्षा टोप्पो और उनके वीडियोग्राफर निजी वाहन से कोतवाली पहुंचे।
जब भाजपा नेता को पुलिस वाहन में थाने लाए जाने की जानकारी अन्य भाजपा नेताओं को मिली, तो वे भी कोतवाली पहुंच गए। वहां उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों के साथ एक जैसा व्यवहार क्यों नहीं किया गया।
भाजपा नेताओं का कहना था कि यदि पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर आई थी, तो आकांक्षा टोप्पो को भी पुलिस वाहन से लाया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे पर थाने में बहस तेज हो गई।
टीआई के चेंबर में CSP से हुई तीखी बहस
विवाद के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी के चेंबर में सीएसपी राहुल बंसल मौजूद थे। भाजपा नेता पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनके सामने अपनी नाराजगी जता रहे थे। सीएसपी की ओर से उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन बातचीत के दौरान माहौल गर्म हो गया।
बहस के बीच भाजपा नेताओं और सीएसपी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि धीरज सिंह कोई आतंकवादी नहीं हैं, जिन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर थाने लाया गया।
इसी दौरान भाजपा नेताओं की ओर से सीएसपी से यह भी कहा गया, “तेरी मर्जी चलेगी क्या?” इसके बाद चेंबर में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को देखा। थाने में हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
पहले भी विवादों में रही हैं आकांक्षा टोप्पो की टिप्पणियां
आकांक्षा टोप्पो की सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर पहले भी विवाद सामने आने की बात कही जा रही है। खबर के मुताबिक, अलग-अलग राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों को लेकर की गई टिप्पणियों पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों और उनके संबंध में सामने आए आरोपों की कानूनी स्थिति अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित शिकायतों और पुलिस की जांच के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब पुलिस की भूमिका भी चर्चा में आ गई है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों के साथ पुलिस का व्यवहार समान क्यों नहीं था। वहीं, घटना के दौरान क्या हुआ और पुलिस ने किस आधार पर भाजपा नेता को अपने वाहन में बैठाकर थाने पहुंचाया, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, होटल के पास हुए विवाद और कोतवाली में हुई तीखी बहस के बाद थाने में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। इस मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति साफ हो सकेगी।
अंबिकापुर में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से थाने तक पहुंच चुका है। ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।



