Follow Us on Our Social Media
Chhattisgarh

जांजगीर-चांपा को बड़ी सौगात: लीलागर नदी पर 8.31 करोड़ रुपए से बनेगा हाईलेवल ब्रिज, पामगढ़-शिवरीनारायण के लोगों को मिलेगी राहत

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ और शिवरीनारायण क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लीलागर नदी के कुटीघाट में अब 8 करोड़ 31 लाख 83 हजार रुपए की लागत से हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग यानी PWD को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। पुल के साथ पहुंच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा।

यह हाईलेवल ब्रिज बिलासपुर-रायगढ़ मार्ग पर मस्तूरी से मुलमुला के बीच लीलागर नदी पर बनाया जाएगा। पुल के निर्माण से पामगढ़, शिवरीनारायण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सालभर बेहतर और सुरक्षित सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासकर बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आने-जाने में होने वाली परेशानी को कम करने में यह पुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बारिश में बढ़ जाती है आवागमन की परेशानी

लीलागर नदी के कुटीघाट क्षेत्र में बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता है। नदी में पानी बढ़ने की स्थिति में आसपास के लोगों को सड़क संपर्क बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के लिए यह समस्या विशेष रूप से बरसात के दिनों में बढ़ जाती है।

अब हाईलेवल ब्रिज बनने के बाद नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बावजूद सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे पामगढ़-शिवरीनारायण क्षेत्र के अलावा आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

2025-26 के बजट में शामिल था निर्माण

लीलागर नदी के कुटीघाट में हाईलेवल ब्रिज बनाने का प्रस्ताव वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया गया था। इसके बाद अब राज्य शासन ने परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।

स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के साथ निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शामिल होगी।

पुल के साथ पहुंच मार्ग का निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है। इससे मुख्य सड़क से पुल तक वाहनों की आवाजाही आसान होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

पामगढ़ और शिवरीनारायण क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा पामगढ़, शिवरीनारायण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है। बिलासपुर-रायगढ़ मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस मार्ग पर पुल बनने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बारिश के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज और अन्य सामान को बाजार तक पहुंचाने में परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।

8 करोड़ 31 लाख 83 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति

राज्य शासन की ओर से इस परियोजना के लिए कुल 8 करोड़ 31 लाख 83 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस राशि में लीलागर नदी पर उच्चस्तरीय पुल के साथ पहुंच मार्ग का निर्माण भी शामिल है।

हाईलेवल ब्रिज का उद्देश्य सिर्फ नदी को पार करने की सुविधा देना नहीं है, बल्कि बरसात के दौरान भी सड़क संपर्क को बनाए रखना है। नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण यदि सामान्य मार्ग प्रभावित होता है, तो ऊंचाई पर बनने वाला यह पुल कनेक्टिविटी बनाए रखने में मदद करेगा।

पूरे साल बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

हाईलेवल ब्रिज बनने के बाद पामगढ़-शिवरीनारायण क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से जो परेशानी सामने आती है, उसे कम करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण हो सकती है।

पुल के निर्माण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से बेहतर संपर्क मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ-साथ व्यापार और परिवहन व्यवस्था को भी फायदा पहुंचने की संभावना है।

फिलहाल प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। परियोजना पूरी होने के बाद लीलागर नदी के कुटीघाट में एक ऐसा हाईलेवल ब्रिज तैयार होगा, जो पामगढ़, शिवरीनारायण और आसपास के क्षेत्रों के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान कर सकता है।

परियोजना पर एक नजर

स्थान: कुटीघाट, लीलागर नदी, जांजगीर-चांपा

क्षेत्र: पामगढ़-शिवरीनारायण

मार्ग: मस्तूरी से मुलमुला, बिलासपुर-रायगढ़ मार्ग

परियोजना: हाईलेवल ब्रिज और पहुंच मार्ग

कुल लागत: ₹8 करोड़ 31 लाख 83 हजार

विभाग: लोक निर्माण विभाग (PWD)

बजट में शामिल: वर्ष 2025-26

मुख्य फायदा: बारिश में बेहतर और सुरक्षित कनेक्टिविटी

 

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button