बंगाल में उपचुनाव: हुमायूं कबीर हिरासत में, कांग्रेस बोली- नंदीग्राम में पोलिंग एजेंट्स को जबरन उठाया
चार राज्यों की 6 सीटों पर मतदान जारी; नंदीग्राम में सुबह 9 बजे तक 20.89% और रेजीनगर में 18.05% वोटिंग, 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों की छह विधानसभा और लोकसभा सीटों पर मंगलवार को उपचुनाव ( By-election) के लिए मतदान जारी है।
वोटिंग के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने अभी तक हिरासत में लिए जाने की वजह स्पष्ट नहीं की है। कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद रेजीनगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं।
हुमायूं कबीर ने मतदान से पहले पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने चुनाव आयोग से भी शिकायत की थी। कबीर का कहना था कि पुलिस के कथित उत्पीड़न के बीच वह चुनाव प्रचार नहीं कर सकते। उन्होंने खुद को प्रचार से अलग कर लिया था।
कांग्रेस उम्मीदवार का आरोप- एजेंट्स को जबरन उठाया
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने मतदान शुरू होने से पहले गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके पोलिंग एजेंट्स को जबरन उठाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी का दावा है कि उनके एजेंट्स के दस्तावेज ( By-election) भी छीने गए हैं। मिलन प्रधान ने कहा कि चुनाव में प्रत्येक मतदाता को बिना किसी डर के मतदान करने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन नंदीग्राम में खुलेआम दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस ने इन आरोपों को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मुर्शिदाबाद में मतदाताओं ने भी लगाए आरोप
मुर्शिदाबाद के कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने भी वोट डालने से रोकने का आरोप लगाया है। मिर्जापुर खागरूपाड़ा प्राइमरी स्कूल के बूथ नंबर 85 और 86 के मतदाताओं का आरोप है कि कुछ उपद्रवी मतदान केंद्र के आसपास मौजूद हैं और लोगों को वोट डालने से रोक रहे हैं।
मतदान को लेकर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से कराने की कोशिश की जा रही है।
नंदीग्राम में 20.89% वोटिंग
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर खास नजर है। सुबह 9 बजे तक नंदीग्राम में 20.89% और रेजीनगर में 18.05% मतदान दर्ज किया गया। नंदीग्राम में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है।
भाजपा ने नंदीग्राम में जीत का अंतर पिछली बार से पांच गुना बढ़ने का दावा किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नंदीग्राम भाजपा की मजबूत सीट है और इस बार जीत का अंतर और बड़ा होगा। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव में कथित दबाव और एजेंट्स को परेशान किए जाने के आरोप लगाए हैं।
नंदीग्राम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया विधानसभा चुनाव ( By-election) के बाद पहली बार यहां ऐसा उपचुनाव हो रहा है, जिसमें ममता बनर्जी न तो मुख्यमंत्री हैं, न विधायक और न ही उम्मीदवार। विधानसभा चुनाव में TMC सत्ता से बाहर हो गई थी और ममता बनर्जी भी अपनी सीट हार गई थीं।
रेजीनगर में बहुकोणीय मुकाबला
रेजीनगर विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। यहां भाजपा, कांग्रेस, TMC के दोनों धड़े, CPI(M) और आम जनता उन्नयन पार्टी मैदान में हैं। यह मुस्लिम बहुल सीट है और अधिकांश प्रमुख उम्मीदवार मुस्लिम हैं।
भाजपा ने शंकराव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी मैदान में हैं। TMC की ओर से रबीउल आलम चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि AJUP ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
हुमायूं कबीर का आरोप है कि पुलिस उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष चुनाव हुआ तो उनकी पार्टी को फायदा मिलेगा। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को इस सीट पर कोई मौका नहीं है।
मतदान से एक दिन पहले बदला गया थाना प्रभारी
नंदीग्राम में मतदान से ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग ने थाना प्रभारी को बदल दिया था। मौजूदा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को हटाकर उनकी जगह देबाशीष सरकार को नया प्रभारी बनाया गया। विपक्षी दलों ने आयोग से शिकायत की थी कि थाना प्रभारी सत्ताधारी दल के करीबी हैं। इसके बाद आयोग ने यह कार्रवाई की।
नंदीग्राम में कांग्रेस को ममता बनर्जी का समर्थन भी प्राप्त है। दरअसल, TMC की ओर से मैदान में उतारी गई संचिता प्रधान ने बाद में अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया।
चार राज्यों की छह सीटों पर चुनाव
मंगलवार को पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में भी उपचुनाव हो रहे हैं। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर वोटिंग है। पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर भी मतदान हो रहा है। वहीं असम की नगांव लोकसभा सीट के लिए मतदाता वोट डाल रहे हैं।
तमिलनाडु की दोनों सीटों पर विधायकों के इस्तीफे के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी। पुडुचेरी में मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के दो सीटों से चुनाव जीतने के बाद एक सीट खाली हुई थी। असम में कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और बाद की राजनीतिक गतिविधियों के चलते नगांव लोकसभा सीट खाली हुई।
EVM और VVPAT से हो रही वोटिंग
चुनाव आयोग के मुताबिक सभी मतदान केंद्रों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जा रहा है। EPIC कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज है। इसके अलावा आयोग की ओर से निर्धारित अन्य पहचान पत्रों का भी इस्तेमाल मतदाता कर सकते हैं। सभी छह सीटों के चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।



