टाइगर श्रॉफ अटैक केस में नया खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी बनकर अनिल पंडित ने दिए थे हथियार पहुंचाने के निर्देश

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले के मामले में जांच के दौरान एक और नया खुलासा सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल के सामने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया था। इसके बाद उसके निर्देश पर कुणाल ने अमृतसर से मुंबई तक हथियार और कारतूस पहुंचाने की व्यवस्था की थी। इस पूरे मामले में दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के अनुसार, कुणाल की मुलाकात अनिल पंडित से एक दोस्त के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच एक एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से बातचीत होने लगी। आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस मंगवाए थे। इस काम में सुमित भी उसके साथ था।
हथियार पहुंचाने के लिए दो महिलाओं की मदद
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए राधा और उसकी सहयोगी बबीता को अपने नेटवर्क में शामिल किया था। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई थी। बाद में उसने राधा को अपने काम के बारे में बताया और मुंबई तक हथियार पहुंचाने के लिए तैयार किया।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि हथियारों की आवाजाही का इंतजाम करने के बदले कुणाल को कथित तौर पर 70 से 80 हजार रुपये मिले थे। इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपये हथियार पहुंचाने वाले कूरियर को दिए जाने की बात सामने आई है।
ट्रेन से मुंबई पहुंचाई गई पिस्टल
जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कुणाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर गया था। वहां से दोनों महिलाओं को पिस्टल के साथ मुंबई जाने वाली ट्रेन में रवाना किया गया। यात्रा के दौरान कुणाल लगातार उनके संपर्क में था और कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचा रहा था।
17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पर उतरीं और वहां से एक होटल पहुंचीं। आरोप है कि इसके बाद एक अन्य युवक राधा से पिस्टल वाला बैग लेकर चला गया।
20 अक्टूबर को चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर हमला हुआ था। उसी दिन राधा और बबीता दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं।
इसके बाद 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुणाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया।
फिलहाल, मामले में आरोपियों की भूमिका, हथियारों की सप्लाई और कथित नेटवर्क को लेकर जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आए इन दावों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।



